बीते बुधवार को अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी का जन्मदिन था. उन्होंने फेसबुक पर अपनी आवाज़ में एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में हमारी धरती के बारे में तमाम बातें कहीं गईं हैं. नवाजुद्दीन इसमें खुद को चांद पर बताते हुए, धरती को एक खूबसूरत तश्तरी की तरह बताते हैं. वीडियो के मुख्य संदेश को बताना चाहें, तो वह यह है कि हम कितने खुशकिस्मत लोग हैं जिन्होंने इस धरती पर जन्म लिया, लेकिन हम इसे ही छलनी करने में जुटे हैं. हमें यह समझना होगा कि यह धरती हमारा घर है और हमसे, हमारी (मनुष्य से मनुष्य की) हिफ़ाजत करने और कोई नहीं आएगा.

भारत में कोरोना काल के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में 1 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. यहां सरकारी शब्द लिखना इसलिए जरूरी है क्योंकि लोग जब 400 मरते थे तब सरकार 6-7 बताती थी, तो वास्तविकता में लोग कितने मरे होंगे इसकी कल्पना ही की जा सकती है. भारत में नदियों में इन दिनों लाशें उतरा रही हैं और उन्हें कुत्ते नोच रहे हैं. ये वो लोग हैं जिन्हें अंतिम संस्कार तक ढंग से नसीब नहीं हुआ है.

इंदिरा गांधी ने अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा से पूछा था कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है? राकेश शर्मा ने जवाब दिया- सारे जहां से अच्छा. उस भारत को शायद अभी हम अंतरिक्ष से देखें तो सिर्फ रोते बिलखते लोग ही नजर आएंगे. संकट के इस काल में हम भारतीयों की महानता देखिए. किसी को कोरोना होता है, वह डरता है खुद के लिए दुआएं करता है. हालत बिगड़ती है तो अस्पताल भी जाता है और किसी दूसरे के दान दिए गए प्लाज्मा से ठीक होता है. ठीक होने के बाद जब खुद के किसी के लिए प्लाज्मा दान करने की नौबत आती है, तो उसकी कीमत वसूल लेता है.

जीवनरक्षक के तौर पर पहचाने जाने वाले किसी इंजेक्शन के नाम पर पानी भरकर लाखों में बेच लेता है. ऑक्सीजन सिलिंडर के नाम पर लोगों से ठगी की जाती है. लोगों की हालत ये है कि खुद मास्क तक ठीक से नहीं लगाते लेकिन अगर पड़ोस में किसी की कोरोना से मौत हो जाए तो अर्थी में हाथ तक नहीं लगाते. कोरोना काल में ऐसी तमाम तस्वीरें सामने आईं. तमाम लोग मदद के नाम पर सोशल मीडिया पर अपना प्रचार करते हैं और 10 रुपये की मदद करने पर 100 रूपये की मदद बताने की कोशिश करते हैं.

राजनेता अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं. टीवी चैनलों की डिबेट में आज भी सत्ता और विपक्ष एक दूसरे को फाड़ खाने को तैयार नजर आते हैं. इसी बीच कोरोना पीड़ित महिलाओं से अस्पतालों में रेप की खबरें भी आती रहती हैं. कुल मिलाकर कोरोना का यह क्रूर काल भी मनुष्य को मनुष्यता नहीं सिखा पाया. हमारा देश वैसे ही चल रहा है जैसा कोरोना के प्रकोप से पहले चल रहा था.

नवाजुद्दीन अपने वीडियो में सारे पृथ्वीवासियों से अपील सी करते हैं कि हमें एक दूसरे से लड़ना झगड़ना बंद कर देना चाहिए और इस तश्तरीनुमा खूबसूरत ग्रह को तंग करना छोड़ देना चाहिए. लेकिन यहां हजारों साल पुरानी सभ्यता वाला हमारा देश ही एक नहीं हो पा रहा. हमारे देश ने संकट के इस काल में सामूहिक विफलता की एक बड़ी कथा लिखी है जो सदियों तक सुनाई जाएगी. नवाजुद्दीन ने सही कहा है कि हमसे, हमारी हिफाजत करने कोई और नहीं आएगा. दरअसल न दूसरा कोई हमें न मारने आएगा और न बचाने. हम खुद में दैत्य बन चुके हैं जो तिल-तिल कर उस धरती की आत्मा को मार रहे हैं जिसने हमें जन्म दिया है.