एक पादरी जिसे माना जाता था पोप फ्रांसिस का उत्तराधिकारी , निकला बच्चों का यौन शोषक

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admin Wed, 09/20/2017 - 00:00 Gurumit Ram Rahim

गुरमीत राम रहीम को रेप के आरोप की सजा मिलने के बाद और आशाराम बापू जैसे कई बाबाओं के यौन शोषण के आरोप में फंसने के बाद एक धारणा बन चुकी है कि बाबा अपने धार्मिक प्रलोभनों में फंसाकर लोगों के साथ गलत काम करते हैं और वाकई ये धारणा सत्य भी है लेकिन हिंदू धर्म के बाबा इस मामले में अपवाद नहीं हैं। दरअसल अन्य धर्मों में भी धर्म को ढाल बनाकर जनता के शोषण का काम बखूबी किया जाता है।
ऐसा ही एक मामला 2015 में फ्रांस में सामने आया था जब बर्नाड प्रेनॉट नाम के एक आर्कबिशप ने बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोपों को स्वीकार कर लिया । बर्नाड प्रेनॉट को एक समय पोप फ्रांसिस का उत्तराधिकारी माना जाता है। बर्नॉड ने ये अपराध 1980 के सामने आए हैं। हाल ही में इस मामले में नया मोड़ फिर से आया जब पीड़ित ने एक सीनीयर कार्डिनल फिलिप बार्बाराइन सहित 6 अन्य पादरियों पर ये आरोप लगाए कि उन्होंने जान बूझकर बर्नाड द्वारा किए जा रहे अपराधों को छुपाया है। सीनीयर पादरी ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया है लेकिन पीड़ित की वकील नाडिया डेबचे ने साफ तौर पर कहा है कि ये स्कैंडल आरोपी पादरी से कहीं ज्यादा है।
ऐसा पहली बार नहीं है कि चर्च के किसी पादरी पर यौन शोषण के आरोप लग रहे हैं। इससे पहले भी लगातार ऐसा होता रहा है। भारत में भी चर्चों में यौन शोषण के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में ये साफ तौर पर दिख रहा है कि कहीं न कहीं धर्म को समाज की कमजोरी बनाया जा रहा है। लोग अपनी समस्याओं से घिरे हैं।
उनके जीवन में तमाम तरह के कष्ट हैं लेकिन धार्मिक शिक्षा के पर्याप्त ज्ञान के अभाव में वो ऐसे लोगों के पास चले जाते हैं जिन्होंने खुद को धर्म का सबसे बड़ा बताकर लोगों के शोषण का कुचक्र रच रखा है लोग इसमें फंस जाते हैं और फिर शांति के स्थान पर उन्हें जीवन में शोषण के अतिरिक्त कुछ नहीं मिलता है। जरूरी है कि हम अपनी जिंदगी में फैली समस्याओं का अंत खुद करें और चाहें किसी भी धर्म को माने लेकिन इस तरह के लोगों के पास जाने से बचें।

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