Children death in Bihar

मुज्जफरपुर मास मर्डर: माफ करना बच्चों तुमने बिहार में जन्म लिया

Tue, 06/18/2019 - 02:38

लोहिया ने कहा था 'जिंदा कौमें बदलाव के लिए 5 साल इंतजार नहीं करती वह किसी भी सरकार के गलत फैसले का फौरन विरोध करती है'. बिहारियों को तो मुर्दों की जमात भी नहीं कहा जा सकता, ये बदलाव तो चाहते हैं लेकिन दूसरे के घर में.

पता नहीं किस ने तमगा दे दिया कि यहां राजनीतिक रूप से जागरूक लोग रहते हैं. जब तुम्हारे अपने सैकड़ों मासूम बच्चे चमकी बुखार से मर रहे हों, तुम्हारे अपने लोग लू से जान गंवा रहें हो, बाढ़ से तुम मरते हो, कुपोषण सबसे ज्यादा तुम्हारे यहां है और फिर भी तुम सड़कों पर उतरने की जगह ट्रंप और किम जोंग की पॉलिटिक्स पर डिस्कस कर रहे हो तो काहे का राजनीतिक जागरूकता बे.

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