जिन्हे हम जानते भी नहीं थे वो भी मुझे देखने आ रहे थे। "बच्चा जो एक हाथ के साथ पैदा हुआ"

Wed, 03/07/2018 - 02:30

जब मेरा जन्म हुआ तो मै हॉस्पिटल में एक सेलेब्रिटी बन गयी थी। जैसे ही मेरे बर्थ डिफेक्ट के बारे में खबर फैली, ऐसे लोग जिन्हे हम जानते भी नहीं थे वो भी मुझे देखने आ रहे थे। "बच्चा जो एक हाथ के साथ पैदा हुआ"
शुरुआत में मेरे परिवार वाले सदमे में थे यंहा तक की डॉक्टर्स भी मेरे इस अवस्था के बारे में कुछ कहने में असमर्थ थे। पर हमेशा मेरी हर मदद के लिए आगे रहने वाले मेरे पिता आगे आये और उन्होंने सारे आशंकाओं पर विराम लगाते हुए मेरी माँ का हाथ पकड़ कर कहा "दुनिया में इतने सारे माता पिता में हमे ये सौभाग्य मिला है की हमारे घर एक स्पेशल बच्चा आया है। ये हमारे परिवार को स्पेशल और भाग्यशाली बनाता है।
मेरे पिता के ये शब्द मेरे जीवन की नीव बने क्योकि मेरे माता पिता ने हमेशा मेरा साथ दिया।
उन्होंने मेरी मदद के लिए वो सब किया जो सामान्यता लोग नहीं कर पाते। मेरी माँ ने एक हाथ से काम करने के तरीके खुद से सीखे जिससे वो मुझे सीखा सके। एक हाथ से जूते के फीते बांधना, शर्ट के बटन्स लगाना, चोटी लगाना।
मेरी पढ़ाई एक रेगुलर स्कूल से शुरू हुई और ये मेरे लिए बिलकुल भी आसान नहीं था। शुरुआत में मेरे दोस्त भी काफी कम हुआ करते थे। एक बार मुझसे २ साल जूनियर लड़की ने स्कूल बस में सभी के साथ मिलकर मेरे मिसिंग हाथ का मजाक बनाया। घर पहुंचते ही मैंने माँ को पूरी घटना बताई और उन्होंने बिना एक पल देरी के तुरंत स्कूल कॉल कर शिकायत की और उस दिन के बाद से कभी भी किसी ने मुझे परेशान नहीं किया।
जब मै ६ ग्रेड में पहुंची तो मैंने माँ और पापा से साइकिल के लिए कहा और उन्होंने ने उसी दिन बिना कुछ कहे मुझे साइकिल ला के दी। और थोड़े ही समय में मै एक हाथ के साथ साइकिल चलाने में परफेक्ट हो गयी।
मुझे मेरे एक हाथ ने बस एक ही बात सिखाई है और वो है की मै कुछ भी कर सकती हूँ। मै क्रिकेट खेलती हूँ, स्केट करती हूँ और बैडमिंटन खेलना भी मुझे पसंद है। मेरा एक हाथ न होना मेरे लिए बस इतना है की मै हर काम को स्पेशल तरीके से करती हूँ।
विकलांग शब्द आपके दिमाग में होता है। चूकि बचपन से मुझे इतनी सहायता मिली है, अगर मैंने अपने आप को कमजोर मान लिया होता तो मै भी शायद अपने आप को विकलांग महसूस करती। पर मै जैसे हूँ मै वैसे ही हूँ। ऐसा कोई जादू नहीं जिससे मै अपने मिसिंग हाथ को बना सकूँ। पर मै अपने आप पर गर्व करती हूँ। मै अभी २० साल की हुई हूँ और मेरे आगे पूरा जीवन है। मै उसे अच्छे से जीना चाहती हूँ। अब मेरी अगली लिस्ट में  ड्राइविंग सीखना, अकेले रहना, MBA की पढ़ाई पूरी करके अपना रेस्टॉरेंट स्टार्ट करना .....और बेशक अपने प्यार को पाना शामिल है।
(Story first published at facebook page of Humans of Bombay)

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