People's Stories

मैं जिस जगह से आती हूँ वंहा से निकलने में मुझे समय लगेगा पर मैं एक दिन ये कर पाऊँगी

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Nishant Trivedi Tue, 07/09/2019 - 01:58

मैं मुंबई के मलिन बस्ती के इलाके से आती हूँ मलिन बस्ती जिसे स्लम एरिया या गन्दी बस्ती भी कहा जाता है। मेरी माँ लोगों के घरों में साफ़ सफाई का काम करती है जबकि वो इतनी पढ़ी लिखी है की वो एक टीचर की नौकरी कर सकती थी पर आसपास के माहौल की वजह से आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं कर सकीं। मेरे पिता एक ड्राइवर है और मेहनत से काम करते है।

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जगहों के नाम बदलने में मुस्लिम शासकों और अंग्रेजी हुकूमत ने ग़दर मचा दी थी

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Nishant Trivedi Mon, 07/01/2019 - 17:25

यूपी में इलाहाबाद अब प्रयागराज हो गया है.आज से 435 साल पहले भारत के सम्राट अकबर ने प्रयाग का नाम इलाहाबाद कर दिया था. 435 साल बाद इलाहाबाद के साथ इतिहास ने खुद को दोहराया और फिर से इसका नाम बदलकर प्रयागराज हो गया.नाम बदलने का नाम लेते ही भारत में चाय की दुकान से लेकर किसी न्यूज चैनल में बैठा किराए के पैनलिस्ट भी पहला तर्क है-नाम बदलने से क्या होगा ,सड़के तो वहीं रहेंगी खस्ताहाल,या नाम बदलने से लोगों को रोजगार मिल जाएगा ?

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चौकीदार, चोर चौकीदार के इस शोर में पढ़िए एक चौकीदार का इंटरव्यू

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Nishant Trivedi Thu, 03/21/2019 - 03:11

चौकीदार क्या है ? पहले ये सवाल कक्षा 5 के छात्र से भी पूछा जा सकता था लेकिन अब ये राजनीतिक सवाल बन चुका है.एक लंबे अरसे से धर्म और जाति के बंधन में जकड़ी रही भारतीय राजनीति अब चौकीदारी पर जाकर फंस गई.वर्षों तक कौन जात हो का सवाल पूछने वाला स्टार एंकर अब शायद लोगों से पूछता दिखे की क्या आप भी चौकीदार हैं ?खैर इस खेल में चौकीदार फुटबॉल बना हुआ है.कभी इस पाले में तो कभी उस पाले लेकिन पड़नी आखिर में लात ही है.वैसे मजेदार बात ये है की इस चौकीदार चौकीदार के खेल में चौकीदारों को ही कोई खास फर्क नहीं पड़ता.वो पहले भी एक सामान्य भारतीय की तरह अपना शोषण करवा के काम कर रहा था अब भी करेगा.

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एक वर्ग ऐसा भी है जिसे घनघोर कर्जमाफी के इस दौर में कोई माफी नहीं देता

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Nishant Trivedi Wed, 12/19/2018 - 03:05

इस देश में या तो आप विजय माल्या बन जाये या किसान। विजय माल्या बनेंगे तो बैंक के पैसे पर ऐश करेंगे। उसी पैसे से विदेश निकल जायेंगे और फिर उन्ही बैंको के पैसे से केस लड़ेंगे और जब वापस आने का होगा तब की तब देखेंगे। मूलधन दे दा के निपटा लेंगे। ब्याज का केस चलता रहेगा। वैसे भी भागे भूत की लंगोटी भली। मूल मिल जाये वही बहुत है।

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मै उनके बिना नहीं रह सकता फिर भी मै खुश हूँ की उन्हें तकलीफ से मुक्ति मिल गयी

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Nishant Trivedi Sat, 09/08/2018 - 03:53

हम शादी से पहले कभी एक दूसरे से नहीं मिले न ही उससे पहले हमने कभी ये जाना की प्यार किसे कहते है। शादी के बाद ही हमने एक दूसरे को जाना और पति पत्नी से पहले हम एक दूसरे के दोस्त बने। हम एक सामान्य भारतीय जोड़े जैसे ही थे, पत्नी घर की जिम्मेदारी उठाती और मुझे हर तरह से सहयोग करती। मै भी पत्नी का सम्मान करता और उनकी हर बात सुनता था।

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व्यंग: "लड़के वाले है" या परचून वाला बनिया

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shashank trivedi Wed, 07/25/2018 - 01:54

आपको याद होगा कि हमने आपको एक बार भारतीय समाज के फूफा के क्रूर कृत्यों के बारे में बताया था. आज भी हम आपको इसी तरह की क्रूर प्रजाति के बारे में बताने जा रहे हैं. ये भी हमारे आपके बीच की ही है और कभी कभी हम आप भी उस प्रजाति के रोल में आ जाते हैं

दरअसल आज हम आपको मिलवाने वाले हैं 'लड़के वालों' से. ओह्हो लड़के वालों के बारे में बोला क्या कि लिस्ट की याद अपने आप गई. दरअसल घर का कुछ सामान लाना है और बग़ैर लिस्ट के मैं कभी आज तक पूरा सामान ला नहीं पाया. अब आप सोच रहे होंगे की ये लिस्ट का भला लड़के वालों से क्या संबंध. दरअसल ये लड़के वाले हमेशा हाथ में लिस्ट थाम कर रखते हैं.

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व्यंग: 'क्योंकि फूफा भी कभी दामाद था'

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Nishant Trivedi Sun, 07/15/2018 - 01:41

आज दिन है रविवार का है.आधिकारिक तौर पर आज देश में छुट्टी है हालांकि मेरी नहीं है.लेकिन मैं आज आपको छुट्टी जरुर देना चाहता हूं. रोज राजनीति और तमाम गंभीर बातें पढ़ने से भी आखिर छुट्टी चाहिए.रोज तमाम नेताओं की गाली गलौज से निकलकर जरूरत है कभी आपकी बातें भी की जाएं. तो आज मैं आपकी बात करने जा रहा हूं हालांकि अगर आप किसी के फूफा या जीजा हैं तो शायद आहत हो जाएं. अगर आहत हो जाएं तो वो आपकी जिम्मेदारी है और आपका मीटर कैसे डाउन होगा ये आप जानें.

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मौका पाते ही टोंटी चुराना, हम भारतीय ही नहीं विदेशी भी करते है!

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shashank trivedi Tue, 07/03/2018 - 02:10

अक्सर भारतीय रेलों में शौचालयों में डिब्बे कहीं न कहीं बंधे नजर आते हैं. कारण होता है कि अगर ये बांधे न जाएं तो लोग इन्हें चुरा ले जाएंगे.इसी तरह खबर आती है कि कई नई ट्रेनें चलाई जाती हैं लेकिन उनकी कई व्यवस्थाएं इसी तरह लोगों द्वारा बर्बाद कर दी जाती हैं.बीते दिनों यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने जब सरकारी बंगले को खाली किया उसके बाद उसमें काफी चीजें टूटी मिलीं और संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा था.

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इस पोस्टर वाले जादूगर को जानते हैं आप?

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niteesh kumar Thu, 06/28/2018 - 08:59

जादू देखना हमेशा से रोमांचकारी रहा है। आज भी लोग बड़ी ही उत्सुकता के साथ जादू देखते हैं। यह बात सही है कि पिछले कुछ सालों में हमारे यहां जादू के प्रति लोकप्रियता घटी है। हालांकि आज भी देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौकों पर जादू दिखाने वाले शो आयोजित किए जाते हैं। स्थानीय लोग बड़ी ही दिलचस्पी के साथ इन्हें देखते हैं और इसकी चर्चा करते हैं। ऐसा हो सकता है कि आपने जादूगरी का कोई शो ना देखा हो। लेकिन आपने जादूगरी के शो की सूचना देने वाले पोस्टर्स में एक शख्स की तस्वीर जरूर देखी होगी। रंग-बिरंगे पोस्टर्स पर यह शख्स जादूगर के गेटअप में हंसता हुआ नजर आता है। क्या आपने कभी सोचा है कि पोस्टर्स

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गुंजन को आपकी मदद की जरूरत है। क्या आप उसकी मदद करेंगे?

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Nishant Trivedi Sat, 06/09/2018 - 01:36

2 साल पहले अचानक से उसे सिर में दर्द हुआ। वो मेरे पास आयी और बोली " पापा सिर में दर्द हो रहा है प्लीज थोड़ा दबा दो" मुझे लगा साधारण सा सिर दर्द है, ठीक हो जायेगा। एक हल्के से सिर दर्द से हर माँ बाप यही तो सोचते है।
पर वो दिन पर दिन कमजोर होने लगी। कभी सिर दर्द कभी हल्का बुखार। मेरी 11 साल की बेटी गुंजन जो हमेशा नाचती और खेलती रहती थी उसने सब कुछ बंद कर दिया। मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था की क्या करूँ, कहाँ जाऊं।

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