जॉन एफ कैनेडी

जब जब बात रहस्यमयी मौतों की होती हैं तो अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी का नाम सबसे ऊपर आता है. जॉन एफ कैनेडी की हत्या 22 नवंबर 1963 को गोली मारकर की गई थी. वो अमेरिका के दूसरे सबसे युवा राष्ट्रपति थे. कैनेडी मात्र 2 साल और 10 महीने अपने पद पर रहे. इतने दिनों में ही उन्होंने खासी शोहरत पा ली थी. कैनेडी को टेक्सास के डैलास शहर में उस वक्‍त गोली मार दी गई थी जब वह चुनाव प्रचार के लिए एक खुली कार में लोगों के बीच जा रहे थे. कैनेडी की हत्या के 45 मिनट बाद पुलिस ने 'ली हार्वी ओसवाल्ड' नाम के व्यक्ति को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था लेकिन अदालत में उस पर मुकदमा चलने से पहले ही उसे भी मार दिया गया. पुलिस का दावा था कि हत्या में केवल ओसवाल्ड शामिल था. हालांकि लोग ऐसा मानने से इंकार करते हैं. उस वक्त रूसी राष्ट्रपति रहे निकिता क्रुसचेव पर इस हत्याकांड में शामिल होने का शक था. दरअसल क्यूबा मिसाइल संकट के समय कैनेडी ने क्रुसचेव को कूटनीतिक तौर पर पस्त कर दिया था. यही वजह है कि क्रुसचेव पर शक किया जाता है. हालांकि कैनेडी की मौत आज भी एक रहस्य है और ओसवाल्ड के अलावा किसी का नाम इसमें सामने नहीं आया था.

जॉन रूबी-

जॉन रूबी दरअसल कोई राजनेता या हस्ती नहीं था. रूबी को जॉन एफ कैनेडी के हत्यारे ली हार्वी ओसवाल्ड का हत्या का दोषी पाया गया था. उसे मौत की सजा मिली थी. सजा के खिलाफ रूबी ने अपील की थी. सुनवाई के लिए तारीख मिलने से पहले ही रूबी की फेफड़ो के कैंसर से मौत हो गई. खास बात ये है कि रूबी ने जिंदगी में कभी सिगरेट या धूम्रपान नहीं किया था. रूबी की मौत पर सरकार के पक्ष में तमाम कमियां थीं. लोगों का मानना था कि रूबी को CIA ने कैंसर सेल्स का इंजेक्शन लगवा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई थी.

लुईस डोनाल्डो कोलोसियो-

लुईस डोनाल्डो कोलोसियो मेक्सिको के अर्थशास्त्री, राजनेता और सत्ताधारी दल पीआरआई के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे. कोलोसियो की हत्या भी 1994 में चुनाव अभियान के दौरान गोली मारकर की गई थी. कोलोसियो की हत्या के आरोप में भी एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था और जांच एजेंसियों का दावा था कि उसने अकेले इस घटना को अंजाम दिया. हालांकि कोलोसियो की हत्या को लेकर तमाम शक जताए जाते हैं. बहुत से लोगों का मानना था कि कोलोसियो के आदर्शवादी रूख से परेशान होकर उनकी अपनी पार्टी के नेताओं (जिनमें राष्ट्रपति कार्लोस सैलिनास भी शामिल थे) ने कोलोसियो की हत्या करवा दी. हालांकि हत्याकांड में किसी भी बड़े नाम का हाथ साबित नहीं हुआ. खास बात ये है कि कोलोसियो की हत्या के केस से जुड़े करीब 15 लोगों की रहस्यमयी हालात में मौत हो गई. हाल ही में कोलोसियो के आरोप में सजा पाने वाले शख्स के परिवार ने राष्ट्रपति से दोबारा इस केस को खोलने की मांग की है.

पोप जॉन पॉल प्रथम-

पोप जॉन पॉल प्रथम की मौत भी रहस्यमय हालात में हो गई थी. वे केवल 33 दिनों पहले पोप चुने गए थे और बिस्तर पर पढ़ाई करते-करते अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. कुछ लोगों के मुताबिक पोप को जहर देकर मारा गया था. हालांकि पोप के शव का न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही उनकी मौत की कोई जांच हुई. खास बात ये है कि पोप ने उसी दिन आयरलैंड में जारी हिंसा के बीच लोगों से शांति की अपील की थी.