दुनिया में तमाम लोगों की अपने अपने स्तर पर वर्चस्व कायम करने की ख्वाहिश होती है.ऐसा सोचने वाला हर कोई अपने स्तर पर प्रयास भी करता है,लेकिन बहुत से लोग ऐसे हुए हैं जिन्होंने दुनिया पर राज करने का सपना पाला था.उन्होंने इस सपने को पूरा करने की कोशिश भी की.हालांकि ऐसा ख्वाब देखने वाला कोई शख्स उसे पूरा नहीं कर पाया,लेकिन उनके इस ख्वाब ने दुनिया में तबाही जरूर मचा दी.एक वक्त के बाद उनकी खुद की मौत की वजह भी यही बनी पर अपने दौर में इन्होंने दुनिया को हिलाकर रख दिया.आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे कुछ शासकों के बारे में जिनकी ख्वाहिश दुनिया पर राज करने की थी.

1.सिकंदर- जब जब दुनिया फतह करने के ख्वाब की बात आएगी तो सिकंदर का नाम सबसे पहले लिया जाएगा.356 ईसा पूर्व में जन्मा सिकंदर महान दार्शनिक अरस्तू का शिष्य था.कहा जाता है की विश्व विजेता बनने का ख्वाब लेकर निकले सिकंदर ने उसने इरान, सीरिया, मिस्र, मसोपोटेमिया, फिनीशिया, जुदेआ, गाझा, बॅक्ट्रिया और भारत में पंजाब तक के प्रदेश पर विजय हासिल की थी.सिकंदर भारत के इतिहास से भी काफी जुड़ा है.दरअसल सिकंदर के आक्रमण के समय भारत छोटे छोटे राज्यों में बंटा था.हर राज्य का राजा अपने अलग दंभ में जीता था.ऐसे में सिकंदर के भारत विजय के अभियान के सामने पंजाब के शासक पोरस खड़े हो गए.50 हजार की सिकंदर की सेना का पोरस की 20 हजार की संख्या वाली सेना ने बहादुरी से सामना किया.कहा जाता है की पोरस ने सिकंदर की सेना के आगे हाथी खड़े कर दिए.पोरस के इस कदम से सिकंदर भौचक्का हो गया.हालांकि सिकंदर ने पोरस को युद्ध में हरा दिया था.इस युद्ध में सिकंदर को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था.इस युद्ध के बाद सिकंदर ने पोरस को अपना मित्र बना लिया.भारत में ही सिकंदर की सेना काफी थक गई और उसने व्यास नदी को पार करने से इंकार किया.इसके बाद सिकंदर को वापस लौटना पड़ा.सिकंदर के जीवन के अंतिम दिन बड़े कष्ट में गुजरे.वो शराब का सेवन करता था.माना जाता है की सिकंदर की मौत जून 323 बीसी में बेबीलोन में बुखार से पीड़ित होकर हुई थी.

2.नेपोलियन- नेपोलियन बोनापार्ट को इतिहास में अब तक के सर्वश्रेष्ठ कमांडर के रूप में जाना जाता है। नेपोलियन फ्रांस की सेना में एक साधारण तोपची के पद पर काम करता था। एक सिपाही से सेना के जनरल और फिर फ्रांस के सशक्त सम्राट बनने तक का सफर नेपोलियन ने बहुत तेजी से तय से किया। 1804 से 1814 तक नेपोलियन लगातार युद्ध की श्रंखला सी लड़ता रहा और ज्यादातर युद्धों में विजयी हुआ। 1814 से पहले वो लगभग पूरे यूरोप पर कब्ज़ा जमा चुका था।
अक्टूबर 1813 में लैपज़िग में नेपोलियन की सेना कई युद्धों के बाद गठबंधन सेना जिसमे रूस, यूनाइटेड किंगडम, स्पेन, ऑस्ट्रिया, प्रुशिया साम्राज्य, स्वीडन समेत 22 देशों की सेनाएं शामिल थी से पराजित हुई।
1814 में नेपोलियन को एक साल के लिए एल्बा नामक टापू पर निर्वासित जीवन जीना पड़ा। नेपोलियन 1815 में एल्बा से भागने में सफल रहा और पेरिस पहुंच कर उसने गठबंधन सेनाओं द्वारा बनाये गए राजा लुइस XVIII को अपदस्थ करके पुनः सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया। अपनी बेहतरीन सैन्य कुशलता के बदौलत नेपोलियन ने महज 100 दिनों में 2 लाख 80 हजार सैनिकों की एक मजबूत सेना खड़ी की। और गठबंधन सेना जिसकी तादाद 7 लाख सैनिकों से भी ज्यादा थी, उसे चौंकाते हुए प्रुशिया और यूनाइटेड किंगडम की सेनाओं पर भीषण हमला किया। हालांकि अपने कमांडरों से पूरा सहयोग न मिलने के कारण जून 1815 में वॉटरलू के मैदान में नेपोलियन की हार हुई। हार के बाद उसे सैंट हेलेना नाम के एक टापू पर निर्वासित जीवन जीने के लिए भेज दिया गया। मई 1821 में सैंट हेलेना पर ही नेपोलियन की बीमारी से मौत हो गयी।

3.हिटलर- सिकंदर के बाद हिटलर वो शासक हुआ जिसने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी.प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की करारी हार हुई.इस हार के बाद मित्र देशों ने जर्मनी को कुछ अपमानजनक शर्ते मानने को मजबूर किया.एडोल्फ हिटलर ने इन्हीं शर्तों को आधार बनाकर जर्मनी में उग्र राष्ट्रवाद की लहर का प्रसार किया.अपने देश के तानाशाह हिटलर ने 1939 में पोलैंड पर हमले के साथ द्वितीय विश्व युद्ध की शुरूआत कर दी.14 जून 1940 को हिटलर ने फ्रांस की राजधानी पेरिस पर कब्जा भी कर लिया था.हिटलर की नाजी सेना पूरी दुनिया फतह करना चाहती थी.हिटलर ने द्वितीय विश्व युद्ध की लड़ाई को काफी हद तक जीत ही लिया था,लेकिन अति महत्वकांक्षी होना उसके लिए नुकसानदेह साबित हुआ.22 जून 1941 को हिटलर की सेना ने रूस पर धावा बोल दिया.इस हमले ने काफी कुछ बदल दिया.इस हमले के कुछ महीनों बाद 7 दिसंबर को जापान ने पर्लहॉर्बर में बमबारी कर दी.ऐसे में अमेरिका भी युद्ध में कूद पड़ा.दो महाशक्तियों के खिलाफ युद्ध छेड़कर हिटलर और उसके सहयोगियों ने बड़ी गलती कर दी.आखिर में युद्ध में पराजित होकर उसे इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी.30 अप्रैल 1945 को हिटलर ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.हिटलर के साथ उसकी पत्नी इवा ब्राउन ने भी आत्महत्या कर ली थी.