बीते 8 अगस्त को अचानक से सोशल मीडिया पर रूस में हुए एक ब्लास्ट का वीडियो वायरल होने लगा। ब्लास्ट इतना भयानक और तीव्र था की परमाणु हादसे का संदेह जताया जाने लगा। उसके बाद खबरें चलने लगी की रूस ब्लास्ट साइट के पास वाले नागरिक ठिकानों को खाली करवा रहा है। बचाव दाल परमाणु रेडिएशन से बचाव वाले कपड़े पहने नजर आये

लगभग 11000 लोगों को वंहा से तुरंत निकाला गया और लगभग एक लाख लोगों को निकालने की तैयारी की जाने लगी। रूसी सरकार ने आसपास के सभी लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी और लोगों में आयोडीन बांटा जाने लगा। जो इस बात की तरफ इशारा कर रहा था की की ब्लास्ट के बाद परमाणु रेडिएशन फैलने की आशंका जरूर है।

रूस की परमाणु एजेंसी रोसटम ने माना की एक हादसे में उनके 5 वैज्ञानिकों की मौत हो गयी है और कुछ अन्य जलने से घायल हुए है। अमेरिकी परमाणु विशेषज्ञों का मानना है की ये ब्लास्ट परमाणु विस्फोट हो सकता है। क्यों की विस्फोट वाली जगह रूसी आर्मी की मिसाइल परिक्षण करने की भी जगह है। इससे ये अंदाजा लगाया जा रहा है की ये विस्फोट परमाणु ईंधन से चलनी वाली रूस की नयी मिसाइल 9M730 बुरेवेस्ट्निक जिसे नाटो देश स्काई फॉल के नाम से भी जानते है के असफल परीक्षण का नतीजा है।

पिछले साल रूस में ठीक चुनाव से पहले ब्लादिमीर पुतिन ने इस परमाणु ईंधन से चलने वाली मिसाइल की घोषणा की थी और साथ ही एक वीडियो भी शेयर किया था। परमाणु ईंधन से चलने वाली मिसाइल से रेडिएशन के काफी खतरे होते है। ऐसे में ये दिखता है की पश्चिमी देशों और रूस के बीच हथियारों की दौड़ फिर से शुरू हो सकती है। हलाकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट करके कहा है की अमेरिका के पास इससे बेहतर तकनीकी काफी पहले से है पर रूस में होने वाले ब्लास्ट से वो सबक लेंगे।