भारत में प्रदूषण के खराब हालात के चलते स्कूल बंद करने पड़ते हैं.दिल्ली में ऑड इवेन के जैसे फॉर्मूले पर गाड़िया चलानी पड़ती हैं.कुछ इसी तरह के हालात एक और एशियाई देश थाईलैंड के हो चुके हैं.यहां भी प्रदूषण के चलते राजधानी बैंकाक के 400 से ज्यादा सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया है.

थाईलैंड के पीएम प्रत्युष चान-ओचा ने बुधवार को बैंकाक के गवर्नर को सभी सरकारी 437 स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया.अगले सोमवार तक ये स्कूल बंद रहेंगे.बैंकाक के गवर्नर अश्विन क्वांनमांग ने कहा," हमने इस समस्या से निपटने के लिए स्कूल बंद करने का फैसला लिया है.हमें डर है की ये बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता था."

भारत की तरह थाईलैंड में भी ट्रैफिक,अंधाधुध तरीके से निर्माण,पुआल जलाने और फैक्ट्रियों से प्रदूषण में इजाफे की बात सामने आई है.बैंकाक में प्रदूषण से निपटने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है साथ ही लोगों से चायनीज नए साल पर मोमबत्तियां और कागज न जलाने की अपील की है.

आपको बता दें की आज से 10 साल पहले थाईलैंड में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक थी जिसके कारण वहां की हवा साफ थी.जबकि एक महीने पहले थाईलैंड की राजधानी दुनिया के उन 10 शीर्ष शहरों में जगह बना चुकी है जहां की हवा सबसे ज्यादा खराब है.विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आंकड़े जारी करते हुए बताया था की 2016 में 4.2 मिलियन लोगों को अपनी जान प्रदूषण के कारण गंवानी पड़ी.ये संख्या एड्स,टीबी और मलेरिया होने वाली कुल मौतों की संख्या से ज्यादा है.