अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद मामले में इटली की अदालत ने किसी भी तरह के घोटाले के सबूत मिलने से मिलने से इंकार किया है.इटली के मिलान की एक अदालत ने अपने 322 पेज के लिखित आदेश में ये बात कही है.हालांकि कोर्ट बीती जनवरी में ही सौदे में किसी भी घोटाले के सबूत न पाए जाने की बात कह थी लेकिन और ज्यादा डिटेल में अपना निर्णय बताने के लिए दायर याचिका के जवाब में एक बार फिर से मिलान कोर्ट ने ये बात कही है.

अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि आरोप के मुताबिक किसी भी सुधारात्मक समझौते के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.कोर्ट ने पूर्व भारतीय वायुसेना एसपी त्यागी को भी निर्दोष पाया है.त्यागी पर आरोप था की उन्हें घूस देने के बाद हेलीकॉप्टर की उड़ान की ऊंचाई कम कर दी गई.कोर्ट ने अपने निर्णय में कहां की ऐसा संभव नहीं है. बीती 8 जनवरी को इटली की अदालत ने फिनमेकानिका हेलीकॉप्टर के पूर्व प्रमुख गुसेप ओर्सी और अगस्ता वेस्टलैंड के मालिक सीईओ बुर्नो स्पागनोलीनी को भारत को हेलीकॉप्टर सौदे में 560 मिलियन यूरो घूस देने के आरोप से बरी कर दिया था.

आपको बता दें की भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इटली के दो वकीलों के जरिए अपना पक्ष रखा था.न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक मुमकिन है की इटली की अदालत में अब ये केस बंद कर दिया जाए.ओर्सी को 2013 में इटली में गिरफ्तार कर लिया गया था वहीं स्पागनोलीनी को उसके घर में नजरबंद कर दिया गया था.जबकि इनके एक सलाहकार गाइडो राल्फ को 2014 में एक साल 10 महीने की सजा भी कोर्ट ने सुनाई थी.

खास बात ये है की केस में पूरा फैसला तब सामने आया है जब केस से जुड़े एक दलाल क्रिश्चियन मिशेल के दुबई से भारत प्रत्यर्पण की खबरें सामने आ रही हैं.मिशेल पर आरोप है की उसने 3600 करोड़ के इस सौदे में भारतीय अधिकारियों को घूस देने का काम किया है.