ईरान रिवॉलूशनरी गार्ड्स की विदेशों में काम करने वाली यूनिट कुद्स फोर्स के मुखिया और ईरान के सबसे ताकतवर जनरल में शुमार क़ासिम सुलेमानी की उस समय मौत हो गयी जब उनका काफिला इराक की राजधानी बगदाद के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की तरफ बढ़ रहा था, उसी समय अमेरिकी फौजों द्वारा उनके काफिले पर हवाई हमला किया गया

अमेरिकी हमले में जनरल सुलेमानी के अलावा इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया पॉप्‍युलर मोबलाइजेशन फोर्स के डेप्‍युटी कमांडर अबू मेहदी अल मुहांदिस की मौत भी हो गयी। अमेरिकी रक्षा विभाग ने नोटिस जारी करके बताया की हमला राष्ट्रपति ट्रम्प की मंजूरी के बाद किया गया था और हमले में कुद्स फोर्स के मुखिया कासिम सुलेमानी की मौत की पुष्टि भी की गयी।

जनरल सुलेमानी को अमेरिका के कट्टर दुश्मनों में से एक के तौर पर जाना जाता रहा है। अमेरिका ने उन्हें आतंकवादी घोषित कर रखा था। लेबनान में हिज़्बुल्लाह और फिलिस्तीन में हमास को समर्थन देने और उन्हें मदद पहुंचाने के आरोप भी सुलेमानी पर लगते रहे है।

जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। ऐसे आशंका जताई जा रही है की ईरान अपने समर्थित ताकतों के साथ इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला कर सकता है।