पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर है। इमरान खान अपनी यात्रा शुरू करने से पहले बड़ी जोर शोर से कह रहे थे की अमेरिका जा कर भारत को बेनकाब कर देंगे पर हुआ ठीक उल्टा ही। कल एक इंटरव्यू के दौरान इमरान खान ने ये बात स्वीकार कर ली की अलकायदा को बनाने से लेकर उसे ट्रेनिंग देने का काम पाकिस्तानी आर्मी और ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई ने किया था।

इंटरव्यू के दौरान जब इमरान खान से पूछा गया की जब अमेरिकी मरीन कमांडो ने ओसामा को मारा था तब वह पाकिस्तानी आर्मी के मुख्यालय के बेहद नजदीक ही रह रहा था, तो पाकिस्तान ने क्या इस मामले में किसी तरह की कोई जाँच नहीं कराई की ऐसा कैसे संभव हुआ।

इस प्रश्न के जवाब में इमरान खान ने कहा की पाकिस्तानी आर्मी और आईएसआई ने ही अलकायदा को पाला पोसा था और ट्रेनिंग से लेकर हथियार तक मुहैया कराये। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा की सोवियत संघ से युद्ध करने करने के लिए दुनिया भर से मुसलमानों को जिहाद के लिए बुलाया गया और उन्हें ट्रेनिंग दी गयी।

इमरान ने ये भी कहा की ऐसा पाकिस्तान ने अमेरिकियों के कहने पर किया। क्योकि अमेरिका सोवियत संघ को अफ़ग़ानिस्तान में मात देना चाहता था। और जब अमेरिका में लादेन ने सितम्बर 2011 में हमला किया तो पाकिस्तान ने अपना रुख 180 डिग्री मोड़ लिया जिससे वही आतंकी उसके यंहा हमला करने लगे।

इमरान के अनुसार पाकिस्तानी सेना के कई अफसर पाकिस्तान के इस रुख से नाराज थे और वो इस आतंकियों पर हमला करना नहीं चाहते थे। उन्होंने ये भी कहा की जनरल परवेज मुशर्रफ पर होने वाले जानलेवा हमलों में भी सेना के ही अंदुरुनी लोग शामिल थे जो मुशर्रफ के आतंकियों पर कार्यवाही के खिलाफ थे।