प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति ब्लादमीर पुतिन से मुलाकात करने रवाना हो चुके है। जाने से पहले प्राइम मिनिस्टर मोदी ने कई सारे ट्वीट कर भारत और रूस के दोस्ती और रिश्तो को याद किया।

प्रधानमंत्री मोदी की चीन के बाद दूसरी अपनी तरह की अनोखी यात्रा है। दोनों राष्ट्राध्यक्षो के मुलाकात का कोई लिखित एजेंडा नहीं है। मुलाकात का उद्देश्य ठन्डे पड़े रिश्तो में गर्माहट लाना है। ऐसा माना जा रहा है की इस मुलाकात के दौरान कई अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे जैसे सीरिया, अमेरिका द्वारा ईरान परमाणु समझौते से पीछे हटना और कोरियाई प्रायदीप में बनते नए समीकरणों पर चर्चा होगी।

इन सब चर्चाओं के अलावा अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों जिससे की भारत और रूस के रक्षा सम्बन्धो पर पड़ने वाले असर पर भी व्यापक चर्चा होगी।

अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के वजह से भारत के रूस से कई महत्त्पूर्ण रक्षा समझौते जिनमे मिसाइल डिफेन्स सिस्टम डील भी शामिल है, उन पर फर्क पड़ सकता है।

भारत इस मुलाकात के जरिये ये सन्देश भी देना चाहता है की उसके और रूस के सम्बन्ध किसी तीसरे देश के वजह से प्रभावित नहीं हो सकते।

मोदी और पुतिन के बीच 5-6 घंटे लम्बी मुलाकात हो सकती है।