अमेरिका में न्यूयॉर्क राज्य के गवर्नर एंड्रयू क्यूमो ने कोरोना पर चौंकाने वाला खुलासा किया है. क्यूमो के मुताबिक राज्य में 3000 लोगों की स्क्रीनिंग की गई . जिसमें से 14 फीसदी में कोरोना की एंटीबॉडी पाए गए. इसके मुताबिक न्यूयॉर्क में अब 27 लाख लोग कोरोना से पीड़ित हो सकते हैं. क्यूमो ने आशंका जताई कि ये संभव है कि कोरोना वायरस अमेरिका में जानकारी से पहले ही फैल चुका था और लोगों की मौत हो रही थी.

क्यूमो के मुताबिक टेस्ट उन लोगों पर किए गए जो बाहर घूम रहे थे. इसका मतलब है कि संक्रमित लोगों की संख्या घरों में आइसोलेट किए गए लोगों की संख्या से ज्यादा हो सकती है. हालांकि क्यूमो ने राहत जताई कि राज्य में कोरोना से मृत्यु दर करीब 0.5 फीसदी है जबकि कई विशेषज्ञों ने इसके ज्यादा होने की आशंका जताई थी.

न्यूयॉर्क में कोरोना के हालात की जानकारी देते हुए क्यूमो ने बताया की लगातार 10वें दिन कोरोना पीड़ितों की संख्या में कमी आई है. बुधवार को जहां 500 मरीज अस्पतालों में भर्ती किए गए जबकि 438 लोगों की कोरोना से मौत हुई. न्यूयॉर्क में एक दिन में मरने वाले लोगों की यह संख्या 1 अप्रैल के बाद सबसे कम है.

कोरोना टेस्ट के बाद 3000 में से 14 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी पाए जाने के आंकड़ों में बुरी खबर और अच्छी खबरें दोनों हैं. चूंकि क्यूमो के मुताबिक राज्य में लोग कोरोना के बारे में जानकारी होने से पहले से पीड़ित हो सकते हैं इसलिए कोरोना से मरने वालों की संख्या भी उम्मीद से ज्यादा हो सकती है.

इन आंकड़ों में अच्छी बात ये है कि अगर लोगों में एंटीबॉडी बन रहे हैं तो इसका मतलब है कि कोरोना का असर अपने आप कम भी हो रहा है. अगर लोगों में बीमारी के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता खुद में विकसित हो रही है तो संभव है कि कोरोना का प्रभाव कुछ दिन में अपने आप कम हो जाए और दवाई या वैक्सीन बनने के बाद इस पर पूरी तरह काबू पाया जा सके.

भारत जैसे देश में अभी जहां टेस्टिंग बहुत कम हो पाई है और आंकड़े बहुत ज्यादा खराब नहीं है. ऐसे में भारत में भी संभव है कि लोगों में एंटीबॉडीज बन चुके हों इसलिए कोरोना और ज्यादा तबाही नहीं मचा पाया है.