ब्राजील के अमेजन के जंगलों में लगी आग अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बन चुकी है. जी-7 देशों के सम्मेलन में इस पर चिंता जताई जा चुकी है. कई देशों ने आग से निपटने के लिए मदद की पेशकश की है हालांकि ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सनारो ने मदद ठुकरा दी है. अमेजन में लगी इस आग से निपटने के लिए सेना को उतारा जा चुका है. इसी बीच अमेजन की इस आग को लेकर कुछ भ्रम फैला दिए गए हैं. पर्यावरण और ऑक्सीजन की मात्रा को लेकर ये भ्रम फैलाए गए हैं. हम अमेजन के जंगल की आग और उसके बाद फैले तमाम भ्रमों को दूर करने के लिए आपके लिए ये लेख लेकर आए हैं. --

इससे दुनिया में ऑक्सीजन की कमी हो जाएगी ?

एक शब्द में कहें तो इस सवाल का जवाब नहीं है. अमेजन के बारे में आमतौर पर कहा जाता है कि ये दुनिया की ऑक्सीजन का कुल 20 फीसदी प्रोड्यूस करता है लेकिन पर्यावरण वैज्ञानिक इसे गलत बताते हैं. उनका मानना है कि ये आंकड़ा गलत है क्योंकि जंगल जितनी ऑक्सीजन छोड़ते हैं, उतनी ही ग्रहण भी करते हैं. दरअसल प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के जरिए पौधे ऑक्सीजन प्रोड्यूस करते हैं लेकिन जानवरों की तरह वृद्धि के लिए इसे ग्रहण भी करते हैं. हालांकि इसका ये मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि जंगलों में लगने वाली आग चिंता का विषय नहीं है. अमेजन कॉर्बन डाइ ऑक्साइड और तमाम ग्रीन हाउस गैसों का अवशोषक भी है इसलिए इसकी आग खतरनाक है.

अमेजन को धरती के फेफड़े कहा जाता है ?

अमेजन को धरती के फेफड़े कहा जाता है लेकिन साओ पोलो यूनिवर्सिटी के पर्यावरण वैज्ञानिक कार्लोस नोबरे इससे सहमत नहीं है. वो कहते हैं कि ये अमेजन की साफ छवि पेश नहीं करता है. उनका मानना है कि अमेजन का रोल कार्बन डाइ ऑक्साइड के अवशोषक का है. इस समय दुनिया में 40 बिलियन टन कॉर्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन होता है जिसमें से 2 बिलियन कॉर्बन डाइ ऑक्साइड का अवशोषण अमेजन के जंगल करते हैं. ये कुल कॉर्बन डाइ ऑक्साइड का 5 फीसदी है. यही वजह है कि अमेजन पर्यावरण के लिए जरूरी है.

अमेजन के जंगलों में आग का प्रभाव क्या है ?

अमेजन के जंगलों में आग से केवल कॉर्बन का अवशोषण करने वाले पौधे ही कम नहीं हो रहे बल्कि आग की लपटों से रोजाना लाखों टन कॉर्बन भी निकल रही है. कॉर्लोस नोबरे का मानना है कि हम उन हालात में पहुंच चुके हैं जहां एक हरा भरा जंगल महज घास के मैदान में तब्दील होने वाला है. इससे बारिश में कमी आएगी और सूखा बढ़ेगा. वो कहते हैं कि अगर 20 से 25 फीसदी तक जंगल जल गया तो सूखे के भयंकर हालात का सामना करना पड़ सकता है. वो कहते हैं कि जंगलों में कमी और सूखा अब ये कहानी सिर्फ कागजों पर नहीं है बल्कि हर रोज घटित भी हो रही है.

कैसे लगी अमेजन के जंगल में आग ?

अमेजन के जगंल में लगी ये भयानक आग जंगलों में लगी प्राकृतिक आग की तरह नहीं है. दरअसल ये आग मानवजनित है. ये आग उन लोगों ने लगाई है जो लोग जानवरों को चराने के लिए जंगल काटते हैं. अमेजन के जंगल धीरे धीरे काटे जा रहे हैं. दरअसल बरसात के दिनों में लोग पेड़ काटते हैं और गर्मी के दिनों में उन्हें जलाते हैं. रिसर्च कर रहे लोगों ने सैटेलाइट के जरिए कई महीने पहले ही अमेजन के जंगलों में लकड़ी के गठ्ठर पड़े हुए देखे थे.

राष्ट्रपति की भूमिका क्या है ?

कार्लोस नोबरे कहते हैं कि राष्ट्रपति जैर बोल्सनारो ने जंगल की सुरक्षा करने वाली एजेंसियों की ताकत घटा दी है. बोल्सनारो का कहना है कि ये एजेंसिया विकास की राह में बाधा बन रही थीं. नोबरे कहते हैं, "जंगलों में आग बढ़ रही है क्योंकि लोग सोचते हैं कि उन्हें दंडित नहीं किया जाएगा."