पेरिस स्थित फाइनेंसियल एक्शन टास्क फाॅर्स (FATF ) ने पाकिस्तान को ग्रे यानि की संदिग्ध सूची में डाल दिया है। ऐसा उसके आतंकवाद को वित्तीय सहायता देने और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने में असफल होने पर किया गया है।

FATF द्वारा संदिग्ध सूची में डाल देने के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमरा जाने के आसार है। पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पहले ही गंभीर संकट से गुजर रही है। काली सूची में डाले जाने के बाद विदेशी निवेश में भारी कमी आने के आसार है।

विदेशी निवेशक ऐसे किसी भी अर्थव्यवस्था में निवेश करने से बचते है। भारत ने FATF के इस निर्णय का स्वागत किया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा की हम उम्मीद करते है पाकिस्तान अपनी जमीन से होने वाले आतंकवाद पर रोक लगाने के लिए समयबद्ध तरीके से काम करेगा और अंतराष्ट्रीय समुदाय को ये विश्वास दिलाएगा की वो आतंकवाद के लिए होने वाली फंडिंग को रोकने के विश्वसनीय उपाय कर रहा है।