अफ्रीकी देश घाना की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में लगी महात्मा गांधी की मूर्ति को हटा दिया गया है.दरअसल कुछ छात्रों ने कैंपस में गांधी की प्रतिमा को लगाने का विरोध किया है.इन छात्रों का आरोप है की गांधी अफ्रीकी मूल के अश्वेत लोगों के प्रति नस्लभेदी भाव रखते थे.

अफ्रीका की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में लगी इस प्रतिमा का अनावरण भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दो साल पहले किया था.इस प्रतिमा को भारत और घाना के बीच बेहतर संबंधों की प्रतीक के तौर पर जानी जाती थी.प्रणब मुखर्जी के प्रतिमा का अनावरण करने के कुछ दिनों बाद ही वहां के शिक्षकों ने इसे हटाने की मांग शुरू कर दी थी.प्रतिमा को हटाने के लिए एक ऑनलाइन अभियान भी चलाया गया था.

दरअसल विरोध कर रहे लोग गांधी के उस लेख का हवाला दे रहे हैं जिसमें उन्होंने भारतीयों को 'काले अफ्रीकियो' से श्रेष्ठ बताया है.यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने इस प्रतिमा को हटाना आत्मसम्मान से जुड़ा हुआ बताया है वहीं सरकार ने इसे यूनिवर्सिटी का आंतरिक निर्णय करार दिया है.

महात्मा गांधी ने 1893 से लेकर 1915 तक दक्षिण अफ्रीका में एक वकील के तौर पर रहे.उन्हें अफ्रीका में अश्वेतों के लिए लड़ाई लड़ने के लिए भी जाना जाता है.दक्षिण अफ्रीका में कई सड़कों से लेकर इमारतों तक के नाम गांधी जी के नाम पर हैं.