बीते दिनों अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था. ईरानी जनरल अब्दुल कासिम सुलेमानी के अमेरिकी हमले में मारे जाने के बाद से दोनों देशों में युद्ध की आशंका बढ़ गई थी. सुलेमानी की मौत के बाद ईरान ने ईराक में कई अमेरिकी अड्डों को निशाना भी बनाया हालांकि अमेरिका के मुताबिक ईरानी हमलों में किसी की जान नहीं गई. इसी बीच ईरान में एक यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात कही गई. विमान पर सवार सभी 176 यात्रियों की मौत हो गई. ईरान ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त बताया लेकिन इस पर सवाल खड़े हुए. अमेरिका और कनाडा के दबाव के बाद ईरान ने अब इस बात को स्वीकार किया है कि एक चूक की वजह से विमान मिसाइल हमले का शिकार हो गया. ईरान ने इस पर दुख भी जताया है. ईरान के बयान के बाद भी कई सवाल खड़े होते हैं, हालांकि दुनिया की राजनीति ही ऐसी है कि औपचारिकताओं की वजह से लोग जानबूझ कर भी शांत बैठ जाते हैं.

जिस विमान को ईरान ने निशाना बनाया है उस विमान ने तेहरान से उड़ान भरी ही थी कि वो मिसाइल हमले का शिकार हो गया. आमतौर पर ऐसा तब होता है जब युद्ध जैसे हालात में बाहरी सीमा से कोई विमान हमारी सीमा में आए. ऐसे में गलती से विमान पर हमला हो सकता है लेकिन यहां उल्टा हुआ है. तेहरान से विमान उड़ने के बाद अपने निर्धारित रुट पर ही जा रहा था, उसकी गतिविधि बिल्कुल भी संदिग्ध नहीं थी. फिर भी ईरान ने विमान को निशाना बनाया. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ईरान ने जानबूझ कर विमान को निशाना बनाया.

आमतौर पर सोशल मीडिया पर भरोसा नहीं किया जाता लेकिन वहां भी चर्चाएं कुछ ऐसी ही हैं. लोगों का मानना है कि विमान पर कोई ऐसा शख्स था जिसे खासतौर पर निशाना बनाने के लिए ईरान ने विमान को निशाना बनाया. ऐसा कहा जा रहा है कि विमान में कोई जासूस हो सकता है जो भागने की कोशिश कर रहा हो.

इसी बीच विमान पर सवार एक दंपति की तस्वीर वायरल हो रही है. मोहम्मद सालेहेह और जाहरा हासनी इस तस्वीर में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के साथ दिख रहे हैं. हालांकि ये दोनों कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के छात्र थे. इस वायरल तस्वीर को देखकर कुछ इन्हें कनाडा में ईरान का जासूस बता रहे हैं तो कुछ लोगों का मानना है कि इन लोगों की वजह से ही विमान को निशाना बनाया गया.

जो भी है विमान पर मिसाइल हमले के हालात और ईरान के दावे बिल्कुल भी मैच नहीं करते हैं. जिन हालात में विमान निशाना बना है उन्हें देखकर लगता है कि विमान को जानबूझकर निशाना बनाया गया है. अब ये बात ईरान या कोई विस्तृत जांच ही बता सकती है कि किन आखिर ईरान किसे निशाना बना रहा था. जैसा कि दुनिया की राजनीति की औपचारिकता की बात की गई है. उन्हें देखकर लगता है कि अब कनाडा या अमेरिका या दुनिया का और भी कोई देश ईरान से सवाल पूछने वाला है.