चीन में करॉना वायरस एक महामारी का रूप ले चुका है। हर दिन मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। करॉना वायरस के संक्रमण की सबसे पहले जानकारी देने वाले डॉक्टर ली वेनलियांग की गुरुवार को इसी महामारी के चपेट में मौत हो गई। डॉक्टर ली वेनलियांग ने ही सबसे पहले वुहान की मीट बाजार से आये 9 मरीजों के अंदर सार्स वायरस जैसे लक्षण होने और उससे बचाव के लिए आगाह किया था।

इस महामारी से बचाव या उपचार के लिए अभी तक कोई वैक्सीन या दवाई उपलब्ध नहीं हो सकी है। जो इस बीमारी को और भी घातक बना रहा है। चीन की सरकार के तमाम उपायों के बाद भी वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चीन सरकार के अनुसार अब तक 618 लोगों की मौत हो चुकी है और 30000 से ज्यादा लोग वायरस से संक्रमित है।

चीन में मीडिया को उस तरह की आज़ादी नहीं हासिल है जैसे अन्य देशों में है। इसलिए कई बार जारी आंकड़ों पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है। साथ ही वुहान जैसे शहरों में वास्तविक हालात क्या है इस बारे में भी सही सही अंदाजा लगाना मुश्किल है। शुरुआत में जिस तरह से 10 दिन के अंदर 1000 बेड के हॉस्पिटल के निर्माण की बात आयी तो लोगों ने काफी प्रशंसा की पर बीमारी के संकट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की हॉस्पिटल के सारे बेड पहले ही दिन भर गए।

हजारों की संख्या में लोग हॉस्पिटल में बेड न मिलने और वायरस के टेस्ट के लिए लम्बी लम्बी लाइन से परेशान है। एक ब्लड टेस्ट कराने के लिए 9-10 घंटे की लाइन में लगना पड़ रहा है। बुजुर्गो और गर्भवती महिलाओं तक को बेड नहीं मिल पा रहे है। मरीजों की संख्या बढ़ते देख कुछ एक्सपो सेंटर्स को हॉस्पिटल में कन्वर्ट कर दिया गया है। पर जिस तरह से लाइन से बेड को लगाया गया है उससे शायद ही कोई मरीज ठीक हो सके क्यों की लाइन से लगे हुए बेड से मरीजों में एक दूसरे से बार बार वायरस फैलने का डर बना रहता है।

चीन सरकार के बीमारी से निपटने के तरीके पर भी सवाल उठ रहे है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए है जिनमे प्रशासन बेहद ही अमानवीय तरीके से बीमारी ग्रसित लोगों से बर्ताव करता देखा जा सकता है। विश्व स्वास्थ संगठन ने भी कहा है की चीन की सरकार बीमारी से हथोड़े से लड़ना चाहती है। एक वायरल वीडियो में एक जोड़े को सड़क के किनारे जाँच के दौरान वायरस से पीड़ित पाया जाता है और उसके बाद उन्हें एक पिकउप ट्रक के पीछे रखे डिब्बे में बंद कर दिया जाता है। वीडियो में अंत में डिब्बे से महिला के चिल्लाने की आवाज लगातार सुनी जा सकती है।

इसी तरह एक अन्य वीडियो में कुछ लोग जो वायरस से बचाव के कपड़े पहने हुए है वो एक परिवार को उसके घर से जबरन निकाल कर अज्ञात जगह पर ले जाते है। तमाम कोशिशो के बाद वुहान के अलावा कई और शहर में भी वायरस फैल चुका है। उसके बाद चीनी सरकार ने पूरे राज्य को लॉक कर दिया है। राज्य में लगभग 6 करोड़ की आबादी रहती है। किसी भी नागरिक को न तो राज्य से बाहर जाने की अनुमति है न ही कोई बाहरी व्यक्ति अंदर जा सकता है।