अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गेबार्ड 2020 में अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने वाली हैं. अगर तुलसी अपनी पार्टी के प्राथमिक चुनाव जीतीं तो वो अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को 2020 में टक्कर देती हुई नजर आ सकती हैं.

ख़बरों के मुताबिक तुलसी गब्बार्ड ने पुष्टि की है कि वे 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में उतरने वाली हैं. हालांकि इससे पहले उन्हें अपनी ही पार्टी में प्राथमिक चुनाव में उतरना होगा. अमेरिकी व्यवस्था के मुताबिक पहले हर पार्टी में आंतरिक स्तर पर चुनाव होता है. यहां रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दो पार्टियां हैं.मुख्य चुनाव से पहले यहां दोनों पार्टियों के भीतर ही दावेदारों के बीच मुकाबला होता है.हर दावेदार को कार्यकर्ताओं के जरूरी वोट जुटाने पड़ते हैं.जो मुकाबला जीतता है उसे पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद का दावेदार घोषित कर दिया जाता है.

अगर भारतवंशी कमला हैरिस भी चुनाव में उतरने का फैसला करती हैं तो ये चुनाव रोचक हो जाएंगे.आपको बता दें की तुलसी गेबार्ड भारतवंशी नहीं हैं.लेकिन हिंदू होने की वजह से उन्हें भारतवंशियों का खासा समर्थन हासिल है.तुलसी गेबार्ड को अपनी पार्टी में प्राथमिक चुनावों में करीब 12 दावेदारों से मुकाबला करना पड़ सकता है.ऐसे में अमेरिका का अगला राष्ट्रपति चुनाव डेमोक्रेटिक पार्टी के लिहाज से खासा रोचक होने वाला है.

37 वर्षीय तुलसी चार बार हवाई से अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन- हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के लिए चुनी जा चुकी हैं. जबकि कमला हैरिस उच्च सदन- सीनेट में कैलीफोर्निया का प्रतिनिधित्व करती हैं. इन दोनों में अगर तुलसी गब्बार्ड चुनी जाती हैं तो वे अमेरिकी इतिहास में पहली हिंदू राजनेता होंगी जो राष्ट्रपति चुनाव में उतरेंगी. फिर अगर उस चुनाव में भी वे जीतती हैं तो अमेरिका की सबसे युवा, पहली महिला और हिंदू राष्ट्रपति भी हो सकती हैं.