सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट जगत में भगवान का दर्जा दिया जाता है. माना जाता है कि उन्होंने क्रिकेट को धर्म बना दिया जिसके भगवान वो हैं. सचिन ने क्रिकेट जगत में अद्भुत रिकॉर्ड बनाए हैं.ऐसे रिकार्ड जिन्हें तोड़ने में भी लंबा वक्त लगेगा.सचिन ने भारत के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के खिलाफ कई शानदार पारियां खेली हैं.वकार युनूस,वसीम अकरम जैसे महान गेंदबाजों को भी तेंदुलकर ने कभी नहीं बख्सा.जब बात खुद की बेहतरीन पारियों की आती है तो तेंदुलकर पाकिस्तान के खिलाफ ही 2003 विश्वकप में खेली गई अपनी पारी को सर्वश्रेष्ठ बताते हैं लेकिन आपको ये जानकर आश्चर्य़ होगा कि सचिन ने एक बार पाकिस्तान की ओर से भी क्रिकेट खेला है.

जी हां ये वाकया 1988 में हुआ था.जब पाकिस्तानी टीम भारत आई थी.दरअसल ये मैच सचिन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू से पहले खेला था.पाकिस्तानी टीम को बेबोर्न स्टेडियम में एक चैरिटी मैच खेलना था. ये मैच भारत की एक प्रथम दर्जे की टीम से खेला जाना था.इमरान खान उस वक्त टीम के कप्तान थे. पाकिस्तानी टीम ने मैच में पहले बल्लेबाजी की लेकिन जब फील्डिंग के लिए उतरे तो उनके पास दो खिलाड़ी कम थे. जिसके कारण उन्होंने CCI से अपील की की उन्हें दो खिलाड़ी फील्डिंग के लिए दिए जाएं. ऐसे में सचिन को फील्डिंग के लिए भेजा गया और इस तरह सचिन ने पाकिस्तान के लिए भी क्रिकेट खेला.

बांबे यूनिवर्सिटी और सीसीआई के पूर्व क्रिकेट हेमंत केंकरे ने क्रिकेट काउंटी नाम की वेबसाइट से इस वाकये का जिक्र किया. वो बताते हैं कि पाकिस्तानी टीम में कप्तान इमरान खान के अलावा,दिग्गज जावेद मियांदाद,अब्दुल कादिर और वसीम अकरम जैसे बड़े खिलाड़ी थे.चैरिटी मैच में पहले बल्लेबाजी के बाद दरअसल कादिर और मियांदाद टीम होटल निकल गए. ऐसे में पाकिस्तान को खिलाड़ियों की जरूरत थी.उन्होंने 2 खिलाड़ियों की मांग की.हेमंत बताते हैं कि उस वक्त कुशु वसाने का नाम बेहतरीन फिल्डरों में था तो एक तो उनका चुनाव किया गया और दूसरा नाम था सचिन तेंदुलकर का.दरअसल मौके पर मौजूद सचिन ने खुद उस वक्त ये इच्छा जाहिर की थी.

मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाज चंद्रकात पंडित ने हवा में एक शॉट खेला. तेंदुलकर ने उसे पकड़ने की पूरी कोशिश की लेकिन वो कैच नहीं ले पाए. हेमंत बताते हैं सचिन ने अपने एक दोस्त से बार बार अपनी इस निराशा का जिक्र किया.खास बात ये है कि जिस सचिन को उस वक्त कोई नहीं जानता था उसने ठीक एक साल बाद लाहौर में पाकिस्तान की धरती पर टेस्ट मैच खेला और उसके बाद की कहानी तो सबको पता है...