गौतम गंभीर ने अपने पैड हमेशा के लिए उतार दिए हैं.उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का एलान कर दिया है.वैसे तो गंभीर को 2011 विश्वकप में शानदार 97 रन की पारी के लिए याद किया जाएगा लेकिन उन्होंने इससे अलग भी तमाम यादगार लम्हें क्रिकेट जगत को दिए.
अपने सधे खेल लेकिन आक्रामक स्वभाव के लिए विख्यात गौतम ने सचिन,सहवाग,लक्ष्मण और द्रविड़ के बीच अपनी गंभीर छवि बनाई और टेस्ट क्रिकेट में भी देश और विदेश में शानदार खेल दिखाया.

विदेश में उनकी खेली गई एक ऐसी ही पारी की चर्चा आज हम आपसे करने वाले हैं.

2009 में न्यूजीलैंड दौरे पर नेपियर टेस्ट में भारतीय टीम संकट में थी. पहली पारी में न्यूजीलैंड के 619 के जवाब में भारतीय टीम महज 305 रन पर ऑलआउट हो गई.न्यूजीलैंड के कप्तान डेनियल विटोरी ने भारत को फालोअान खिलाने का फैसला किया.
भारत की हालत तब और खराब हो गई जब उसने वीरेंद्र सहवाग का विकेट जल्द ही गंवा दिया,लेकिन यहां से गौतम की जीवटता के दर्शन हुए. गौतम गंभीर ने तीन महान बल्लेबाजों के साथ साझेदारियां की.उन्होंने 137 रन की पारी खेलने के लिए 643 मिनट क्रीज पर बिताए.ये उनके करियर का पांचवा टेस्ट शतक था.
राहुल द्रविड़ ने अपने करियर का 56वां टेस्ट अर्धशतक जड़ते हुए 62 रन की पारी खेली.उनके अलावा मास्टर ब्लास्टर सचिन ने 64 रन जबकि वीवीएस लक्ष्मण ने तेज 124 रन की पारी खेली.दूसरी पारी में लक्ष्मण और युवराज सिंह 54 रन बनाकर नॉट आउट रहे और भारतीय टीम असंभव लग रहे इस मैच को ड्रा कराने में कामयाब रही.
मैच की पहली पारी में दोहरा शतक लगाने वाले न्यूजीलैंड के जेसी राइडर को भले ही मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाज गया हो लेकिन नेपियर टेस्ट वास्तव में गंभीर के उन 643 मिनटों के लिए याद रखा जाएगा.ऑल द बेस्ट गौतम...