जिस समय भारत अंग्रेजो से आज़ादी की लड़ाई लड़ रहा था उसी समय एक और लड़ाई लड़ी जा रही थी, फुटबॉल के मैदान में।

नंगे पैर फुटबॉल खेल लंदन ओलम्पिक में धूम मचाने वाली भारतीय फुटबॉल टीम के बारे में तो आपने सुना होगा, पर क्या आपने उस भारतीय फुटबॉलर के बारे में सुना है जो नंगे पैर स्कॉटिश फुटबॉल क्लब के लिए खेला और शानदार तरीके से खेला। कई मैच जिताये और वापस हिंदुस्तान लौट के आया। स्कॉटलैंड की आराम की जिंदगी को छोड़ कर वापस कोलकाता के मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब के लिए खेला।

उस समय भारतीयों के लिए फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं था। ये एक ऐसा मौका था जब भारतीय खिलाडी ये साबित कर सकते थे की वो भी अंग्रेज खिलाड़ियों से कम नहीं है और भारतीयों के अंदर ये क्षमता है की वो अपना देश खुद चला सकते है।

29 जुलाई, 1911 में जब मोहन बागान ने इंग्लिश फुटबॉल टीम को 2-1 से धूल चाटई तो देश के युवाओं में फुटबॉल खेलने और अंग्रेजो को उन्ही के खेल में हरा के सबक सिखाने की लहर सी चल गयी।

मोहम्मद सलीम, मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब की "बी" टीम के खिलाडी हुआ करते थे। कुछ समय बाद उन्हें मुख्य टीम में खेलने का मौका मिला और उनके बेहतरीन खेल की वजह से उनका क्लब पांच बार कोलकाता लीग्स का ख़िताब जीतने में सफल रहा।

उसके बाद उन्हें भारत चीन दोस्ताना मैच के लिए टीम के अंतिम 11 में जगह में मिली, ये मैच सलीम और भारतीय फुटबॉल संघ दोनों के लिए खास था, भारतीय फुटबॉल संघ अपना पहला अन्तर्राष्ट्रीय मैच आयोजित कर रहा था सलीम अपना पहला अन्तर्राष्ट्रीय मैच खेल रहे थे। भारतीय टीम अच्छा खेली पर हार गयी।
पर उस मैच ने सलीम की किस्मत बदल दी, उनके एक रिश्तेदार इंग्लैंड से मैच देखने आये थे। उन्होंने ने उन्हें इंग्लैंड चलने के लिए मना लिया और सलीम चीन के साथ होने वाला दूसरा मैच छोड़ कर इंग्लैंड चले गए।

कोलकाता में उनके गुमशुदा होने के पोस्टर लग गए, अखबारों में इश्तिहार छापे गए, पर शायद ही कोई जानता होगा की कोलकाता का ये फुटबॉलर पहला भारतीय बनने जा रहा है जो ग्रेट ब्रिटेन के किसी क्लब के लिए खेलेगा।

जल्द ही सलीम ये उम्मीद लिए ग्लासगो पहुंचे की उन्हें ग्लासगो केल्टिक में ट्रायल देने का मौका मिलेगा। पर सबको यही शक था की नंगे पैर खेलने वाला ये खिलाडी कैसे बूट पहनने वाले प्रशिक्षित स्कॉटिश खिलाड़ियों का मुकाबला करेगा।
पर जब उन्हें मौका दिया गया तो उनके खेल को देखते हुए मैनेजर विली मले उन्हें तुरंत ही टीम में जगह दी और Hamilton Accies के खिलाफ खेलते हुए पहले मैच में सलीम ने २ शानदार गोल किये। ये मैच ग्लासगो केल्टिक ने 5-1 से जीता।

ग्लासगो क्लब में अपनी सफलता के बाद भी सलीम भारत वापस आ गए और अपने पुराने क्लब मोहम्मडन स्पोर्टिंग के लिए दोबारा खेलने लगे।