भारतीयों में फुटबाल के लिए प्रेम फीफा वर्ल्ड कप से स्टार्ट होता है और फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल के साथ ही इसका बुखार उतर जाता है। उसके बाद फिर वही अपने धोनी और कोहली। भारतीय फुटबाल टीम के वर्ल्ड कप में क़्वालीफाई ना कर पाने के भी अपने फायदे है। अब लोग ये सोच रहे होंगे की हमारी टीम अच्छा ना खेले इसके क्या फायदे।

इसका सबसे बड़ा फायदा ये है की हमे ये डर नहीं रहता की हमारी टीम बाहर हो गयी। दूसरा बड़ा फायदा ये है की हम अपने हीरो अपने हिसाब से चुन लेते है। अमूमन भारतीय ब्राज़ील या अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को अपना हीरो मानते है। जब मेराडोना खेलते थे तब वो मेरे पसंदीदा खिलाडी हुआ करते थे ये अलग बात है की मैंने जब उन्हें खेलते देखा तब उनका कैरियर उतार पर था।

मेराडोना के बाद रोनाल्डो का दौर आया और अर्जेंटीना की जगह ब्राज़ील ने ले ली। १९९८ के फाइनल में जब रोनाल्डो की तबियत अचानक से ख़राब हुई तो शायद ब्राज़ील के बाद सबसे ज्यादा मीडिया कवरेज भारत में ही मिला होगा। पिछले दो वर्ल्ड कप से ब्राज़ील में वो जादू नहीं दिखा और अर्जेंटीना भी कुछ ख़ास नहीं कर पायी। अब समय आ गया है की हम अपना नया हीरो फिर से तलाशे। कम से काम इस वर्ल्ड के लिए ही सही। वर्ल्ड कप का फाइनल नजदीक है और फाइनल में पहुंचने वाली टीम भी पता लग गयी है तो ज्यादा ऑप्शन उपलब्ध नहीं है। फ्रांस हमारे पुराने हीरो ब्राज़ील को फाइनल में हरा चुका है इसलिए वो हमे सूट नहीं करता, तो इस वर्ल्ड कप फाइनल के लिए हमारी पसंदीदा टीम है क्रोएशिया।

पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंची क्रोएशिया की टीम ने सेमीफइनल मुकाबला बड़े ही शानदार तरीके से इंग्लैंड को हरा के जीता। भले ही मुकाबला अतरिक्त समय में गया हो पर पहले हाफ के बाद क्रोएशिया की टीम इंग्लैंड की टीम पर पूरी तरह से हावी रही।

४५ लाख की आबादी वाला ये देश दूसरा सबसे काम आबादी वाला देश है जो वर्ल्ड कप फाइनल में पंहुचा है। इससे पहले ये कारनामा उरुग्वे ने किया था। उरग्वे ने दो बार वर्ल्ड कप जीता और उसकी मौजूदा आबादी ३४ लाख की है।

क्रोएशिया १९९१ में युगोस्लोवाकिया से आज़ाद हुआ और उसके बाद युद्ध की आग में जलता रहा। युद्ध के दौरान एक बड़े हिस्से पर युगोस्लोवाकिया की सेना ने कब्ज़ा कर लिया और उसके बाद लगभग २ लाख लोगों को अपना घर छोड़ के जाना पड़ा। १९९५ में जब युद्ध की आग शांत हुई तो क्रोएशिया की सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बेघरों को वापस बसाना और नये सिरे से देश का निर्माण करना था।

मौजूदा समय में क्रोएशिया में ४ लाख से भी ज्यादा खिलाड़ी है यानि की आबादी का १० परसेंट। फुटबाल के अलावा शतरंज भी यंहा खूब खेला जाता है।

यूरोप का ये खूबसूरत देश दुनिया के टॉप २० टूरिस्ट जगह में शुमार है।

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