2018 का फुटबॉल विश्वकप लगभग अपने अंतिम चरण में है.लगभग सभी स्टार खिलाड़ियों वाली टीमें बाहर हो चुकी हैं. अब तक के खेल के हिसाब से किसी भी टीम के लिए भविष्यवाणी करना मुश्किल है लेकिन फिर भी फ्रांस का खेल अब तक बेजोड़ रहा है.अर्जेंटीना को हराकर फ्रांस ने जिस तरह क़्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया वो शानदार था.फ्रांस ने इससे पहले सिर्फ एक बार 1998 में विश्वकप जीता है. जिनेडिन जिडान का वह पहला विश्वकप था.उस विश्वकप में दुनिया ने पहली बार ब्राजील के रोनाल्डो का जलवा भी देखा था.तो हम आपको बताने जा रहे हैं 1998 विश्वकप के फाइनल की कहानी जो जिनेडिन जिडान की महानता की शुरुआत का गवाह तो था लेकिन ब्राजील के साथ भी ऐसा क्या हुआ था जो पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाने वाली टीम फाइनल में 3-0 से बाहर हो गई. खास बात ये है कि इस विश्व कप में क्रोएशिया तीसरा नंबर पर रहा था.

1994 विश्वकप में फ्रांस की टीम विश्वकप में क्वालीफाई करने में नाकाम रही.उधर दूसरी और ब्राजील लगातार शानदार खेल रहा था.ब्राजील के स्ट्राइकर रोनाल्डो 1996 और 1997 में फीफा के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का अवार्ड भी मिल चुका था.1998 में विश्वकप में भी उनका शानदार खेल जारी था और फाइनल तक के सफर में वलो 4 गोल कर चुके थे और 3 गोलों में उन्होंने टीम की मदद की थी.वहीं दूसरी ओर फ्रांस फाइनल में तो जरुर था लेकिन उसे ब्राजील के सामने कभी दावेदार नहीं माना गया. हालांकि फ्रांस ने उस समय इटली की टीम को क्वार्टरफाइनल में पेनल्टी शूटआउट और सेमीफाइनल क्रोएशिया को 2-1 से हराया था.

खैर फाइनल मैच शुरु होने वाला था लेकिन मैच से ठीक पहले रोनाल्डो को होटल में दौरा पड़ा.वो दौरा कैसा था आज तक किसी को पता नहीं है.थोड़े इलाज के बाद जब रोनाल्डो मैच में उतरे तो उनके पैरों से वो जादू गायब था.जिस रोनाल्डो के बारे में कहा जाता है कि वो एक बार गेंद आने के बाद वो चीते की तरह उसे लेकर आगे बढ़ते थे वो रोनाल्डो मैच में बेअसर हो गय़ा.पूरे 90 मिनट ब्राजीली टीम फ्रांस के डिफेंस को भेदने का नाकाम प्रयास करती रही.दूसरी तऱफ युवा जिडान का खेल मानों अपने चरम पर था.
मैच के 27वें मिनट में जिडान ने हेडर के जरिए गोलकर टूर्नामेंट में अपना पहला गोल दागा और टीम को मैच में बढ़त दिलाई.स्टेड डी फ्रांस स्टेडियम में बैठे तमाम फ्रांसीसी दर्शक झूम उठे. ठीक 21 मिनट बाद जिडान ने हेडर के जरिए ब्राजील को दूसरा झटका दिया. मैच में अब फ्रांस 2-0 की बढ़त पर था.हालांकि मैच के आखिरी चरण में फ्रांस को एक खिलाड़ी की कमी के साथ खेलना पड़ा.दरअसल उसके डिफेंडर मार्सेल डेसिआली को मैच में दूसरा यलो कार्ड दिखाया और वो मैच से बाहर हो गए.लेकिन फ्रांस के खेल पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. वो वैसे ही करारे हमले करते रहे जैसे पहले कर रहे थे.इसका उन्हें परिणाम भी मिला और अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में फ्रांस ने मिडफिल्डर इमैन्एल पेटिट के जरिए मैच में अपना तीसरा गोल किया.पेटिट के इस गोल के साथ फ्रांस ने फाइनल में 3-0 की जीत के साथ विश्व कप पर कब्जा कर लिया.
विश्व कप की जीत के बाद जिनेडिन जिडान फ्रांस के हीरो बन गए और पूरे फ्रांस में उनके पोस्टर लगाए गए.फ्रांस के मिडफिल्डर पॉल पोग्बा उस वक्त को याद करते हुए कहते हैं ",मैं उस वक्त 6 साल का था, ब्राजील पर जीत के बाद लोग बेहद खुश थे. सड़कों पर कारों के हार्न बजाकर वो जश्न मना रहे थे."

1998 का विश्वकप जिडान के उदय और रोनाल्डो के रहस्यमयी बीमारी के लिए जाना जाता है.हालांकि रोनाल्डो ने 2002 विश्वकप में टीम को जीत दिलाकर पिछली हार को काफी कुछ भुला दिया. उसकी कहानी फिर कभी.....