ईरान के एक 16 साल के शतरंज के खिलाड़ी ने विश्व चैम्पियन और शतरंज के पहली वरीयता के नार्वे के खिलाड़ी मैगनस कार्लसन को बान्तेर ब्लिट्ज कप के फाइनल मुकाबले में हरा दिया है।

अलीरजा फ़िरोज़जा ने नार्वे के कार्लसन को 8.5-7.5 के अंतर से हरा दिया। मुकाबला ऑनलाइन था जिसमे खिलाड़ी को अपनी चाल बोल कर खेलनी पड़ती है।

ईरान के अलीरजा दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी है जिन्हे FIDE ने अपनी वरीयता क्रम में जगह दी है। FIDE ही विश्व शतरंज चैम्पियन की वरीयता सूची जारी करता है।

7 महीने तक चली इस प्रतियोगिता में 131 मैच खेले गए। दुनियाभर से कुल 128 खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया और फाइनल मुकाबला ईरान के उभरते सितारे और विश्व चैंपियन के बीच होना तय हुआ।

ये भी पढ़े
धोनी के तमाम फैंस के मन में बस एक ही सवाल है, क्या वो वापस आएगा?

इससे पहले टाटा स्टील शतरंज कप में कार्लसन और फ़िरोज़जा आमने सामने आ चुके थे। इस मुकाबले से पहले कार्लसन ने फ़िरोज़जा के साथ अपने मुकाबले को बेहद कठिन मुकाबला कहा था। 90 मिनट तक चले मुकाबले के बाद कार्लसन ने हार स्वीकार करते हुए फ़िरोज़जा को बेहद उम्दा खिलाड़ी कहा।

फ़िरोज़जा ने मैच के बाद कहा की मुकाबला 50-50 था। जीतने के लिए थोड़े से भाग्य की जरूरत थी और आज भाग्य ने मेरा साथ दिया।

शतरंज के दर्शको को दोनों के बीच होने वाले अगले मुकाबले के लिए ज्यादा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। २० अप्रैल को दोनों के बीच $250000 की इनामी राशि वाली मैगनस कार्लसन इन्विताशनल प्रतियोगिता में फिर से भिड़ंत होगी।

हालांकि अलीरजा फ़िरोज़जा अपने देश ईरान के झंडे के साथ प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पा रहे है और उसका कारण ईरान ने अपने खिलाड़ियों पर किसी भी प्रतियोगिता में इजराइल के खिलाड़ी के खिलाफ खेलने पर पाबन्दी लगा रखी है। अलीरजा फ़िरोज़जा अपने पिता के साथ फ्रांस चले गए जिससे वो इजराइल के खिलाड़ियों के खिलाफ खेल सकें। अभी वो FIDE के झंडे के साथ अपना खेल खेलते है।