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भरतपुर: 1992 की आगजनी भुला जाटव और जाट वोटों को एकजुट कर पायेगी कांग्रेस?

Thu, 05/02/2019 - 02:10

राजस्थान का भरतपुर जाटों का गढ़ रहा है. यहां जाटों की आबादी काफी ज्यादा है लेकिन सुरक्षित सीट होने की वजह से यहां मुकाबला दलितों के बीच है. इस लोकसभा सीट पर राजघराने से लेकर कई बड़े नेताओं ने जीत दर्ज की है. कांग्रेस के नटवर सिंह, राजेश पायलट, राजा विश्वेंद्र सिंह और उनकी पत्नी दिया सिंह का नाम उन लोगों में शामिल है जो यहां से सांसद रहे हैं. 2008 में ये सीट सुरक्षित हो गई जिसके बाद यहां 2009 में यहां कांग्रेस ने जीत दर्ज की फिर 2014 में बीजेपी ने मोदी लहर में यहां जीत हासिल की थी. अभी यहां से तीन दलित नेता मैदान में हैं. बीजेपी, कांग्रेस और बीसएपी यहां से मैदान में हैं.

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तेज बहादुर यादव का खाने को लेकर शिकायत उनकी खतरनाक रणनीति थी जो एग्जीक्यूट नहीं हो पाई?

Tue, 04/30/2019 - 02:50

अगर आम धारणाओं को पीछे छोड़ भी दें तो मेरा व्यक्तिगत अनुभव भी इस मायने में बिल्कुल उलट है. जब मैं IIMC में पढ़ाई कर रहा था तो JNU के पुराने कैंपस स्थित CRPF बेस में मेरे एक मित्र रहते थे. वो अक्सर या तो मुझे वहां खाने ले जाते थे या मेरा खाना पैक करा के लाते थे. हर बुधवार और रविवार तो मैं वही खाता था लेकिन इसके अलावा भी सप्ताह में 3-4 दिन का खाना वहीं होता था. ये सिलसिला तकरीबन 6 महीने चला और इन 6 महीनों के दौरान ये समझने को मिला कि आर्म फोर्सेज की डाइट कितनी हेल्दी और उच्च गुणवत्ता वाली होती है.

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अगर 23 का परिणाम अभी जानना है तो सुरजीत भल्ला की किताब में चुनाव का विश्लेषण पढ़े

Mon, 04/29/2019 - 02:58

पीएम मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य रहे अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने लोकसभा चुनाव 2019 पर अपना विश्लेषण प्रकाशित किया है. भल्ला के मुताबिक बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के बाद बीजेपी अकेले 300 या उससे ज्यादा सीटें जीत सकती है. भल्ला ने अपने विश्लेषण को एक किताब की शक्ल दी है. इस किताब का नाम सिटिजन राज इंडियन इलेक्शन्स 1952-2019 है. आपको बता दें कि भला ने बीते साल एक दिसंबर को पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद से इस्तीफा दिया था.उनके इस्तीफे की खासी चर्चा हुई है.

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महाराष्ट्र की मावल सीट जंहा से शरद पवार की तीसरी पीढ़ी चुनाव मैदान में है

Sat, 04/27/2019 - 00:58

महाराष्ट्र के मावल लोकसभा सीट पर लड़ाई बेहद रोचक है. यहां एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पोते और अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार चुनाव लड़ रहे हैं. उनके खिलाफ बीजेपी शिवसेना गठबंधन के श्रीरंग बर्ने मैदान में हैं. बर्ने का नाम सबसे बढ़िया काम करने वाले सासंदों में गिना जाता है. वो लगातार दो बार से मावल सीट से सांसद हैं. कहा जाता है कि बर्ने की राह मुश्किल नहीं थी लेकिन पार्थ पवार के मैदान में उतरने से यह मुश्किल हो गई है.

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बेगूसराय में कन्हैया और गिरिराज सिंह का चुनाव हारना जरूरी क्यों है ?

Fri, 04/26/2019 - 02:37

इस लोकसभा चुनाव में जिन लोकसभा सीटों की सबसे ज्यादा चर्चा है उनमें बिहार का बेगूसराय एक है. बेगूसराय में गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार चुनाव लड़ रहे हैं. गिरिराज सिंह जहां पाकिस्तान भेजने वाले वीजा मंत्री की तरह बात करते हैं वहीं कन्हैया कुमार उन बुद्धिजीवियों की भीड़ में शामिल हैं जो कश्मीर में सेना पर महिलाओं का रेप का आरोप लगाते हैं. दोनों को मीडिया का खासा कवरेज मिल रहा है. इन सबके बीच एक तीसरा उम्मीदवार भी इस मैदान में है जो अपने जमीनी समीकरणों के दम पर मैदान में है. RJD के तनवीर हसन यहां से मैदान में हैं. पिछले चुनाव में तनवीर हसन बीजेपी के भोला सिंह से 58 हजार वोटों से हारे थे.

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मालदा उत्तर: पश्चिम बंगाल की वो सीट जंहा भाई बहन एक दूसरे के खिलाफ मैदान में है

Thu, 04/25/2019 - 02:06

लोकसभा चुनाव के इस सफर में आज हम आपको लेकर चलते हैं पश्चिम बंगाल के अमेठी कही जाने वाली मालदा लोकसभा सीट पर. ये लोकसभा सीट 2009 तक एक ही थी लेकिन नए परिसीमन में बदलाव के चलते अब मालदा उत्तर और मालदा दक्षिण में ये बंट चुकी हैं. इन दोनों सीटों पर कांग्रेस का लगातार दबदबा रहा है और यही वजह कि इसे बंगाल के मालदा के नाम से जाना जाता है. हालांकि इस चुनाव में परिवार में फूट पड़ चुकी है भाई-बहन ही एक दूसरे को हराने के लिए मैदान में हैं.

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बीजेपी ने चुनाव में उमीदवारों की संख्या का एक नया इतिहास रच दिया है

Wed, 04/24/2019 - 03:17

बीते लोकसभा चुनाव के बाद विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनने वाली बीजेपी ने इस चुनाव में एक और रिकॉर्ड बना दिया है. ये रिकॉर्ड उम्मीदवारों को चुनाव में उतारने के मामले में है. इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने इतिहास में सबसे ज्यादा उम्मीदवार उतारे हैं. सनी देओल समेत तीन उम्मीदवारों के नाम के एलान के साथ ही इस चुनाव में बीजेपी के 437 उम्मीदवार हो चुके हैं.

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एक ऐसी लोकसभा सीट जहां से आज तक एक भी हिंदू उम्मीदवार ने जीत नहीं दर्ज की

Tue, 04/23/2019 - 01:16

लोकसभा चुनाव में असम से बीजेपी का काफी उम्मीदे हैं. यहां उनकी सरकार भी है. हेमंता विश्वशर्मा के तौर पर मजबूत रणनीतिकार भी है. असम ही वो राज्य है जो बीजेपी के लिए पूर्वोत्तर का दरवाजा साबित हुआ है. बीजेपी खुद भी असम में अच्छी सीटें जीतने का दावा कर रही है. इसी बीच एक सीट असम में ऐसी भी जहां से आज तक एक भी हिंदू उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया है. खास बात ये है कि बीजेपी ने इस चुनाव में इस सीट को अपनी गठबंधन की साथी असम गण परिषद को दिया है. ये लोकसभा सीट है असम की धुबरी. एक तथ्य ये भी है कि बीजेपी की सहयोगी अगप ने भी यहां से मुस्लिम उम्मीदवार को ही उतारा है.

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राजा भैया की जनसत्ता पार्टी ने प्रतापगढ़ के चुनाव को फुटबाल का मैदान बना दिया है

Sat, 04/20/2019 - 03:02

दो चरणों के लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं.अगली 23 मई को अगले चरण के चुनाव होंगे.बीते दिनों से हम आपको यूपी की अलग अलग लोकसभा सीटों के समीकरणों के बारे में जानकारी देते रहे हैं.आज हम आपको जानकारी देने वाले हैं यूपी की एक हॉट सीट के बारे में. हम आपको जानकारी देने जा रहे हैं यूपी की प्रतापगढ़ सीट के बारे में. प्रतापगढ़ जिसका नाम सुनते ही आप के दिमाग में राजा भइया का नाम आता है और ये चुनाव तो उनके लिए और भी खास है तो चलिए आपको ले चलते हैं प्रतापगढ़ के समीकरणों के सफर पर.यहां 12 मई को लोकसभा चुनाव होंगे.

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दिग्विजय सिंह और प्रज्ञा ठाकुर की ये जंग चुनाव को एक अलग ही रंग दे सकती है

Fri, 04/19/2019 - 02:49

बीजेपी ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ मांलेगांव धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है.वो भोपाल से दिग्विजय सिंह को चुनौती देंगी.आपको बता दें कि भोपाल बीजेपी का गढ़ माना जाता है और बीजेपी यहां बीते 30 साल से चुनाव नहीं हारी है.यही वजह है कि जब एमपी के सीएम कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह को किसी कठिन सीट से लड़ने की चुनौती दी तो भोपाल उनमें ऊपर था.अब दिग्विजय के सामने जहां बीजेपी के गढ़ को गिराने की चुनौती है वहीं प्रज्ञा ठाकुर पर इसे बचाने की जिम्मेदारी होगी.

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त्रिकोणीय मुकाबले ने फतेहपुर सीकरी के चुनाव को रोचक बना दिया है

Wed, 04/17/2019 - 01:00

दूसरे चरण के लोकसभा चुनाव में 18 अपैल को होने वाले मतदान के दौरान जिन सीटों पर नजर रहेगी उनमें फतेहपुर सीकरी एक है.यूपी की 'वीआईपी' बन चुकी सीटों में से एक फतेहपुर पर अभी बीजेपी का कब्जा है.अगर बात सीट के वीआईपी होने की करें तो यहां से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और अभिनेता राज बब्बर चुनाव लड़ रहे हैं.इससे पहले कांग्रेस ने उन्हें मुरादाबाद सीट से उतारा था लेकिन बाद में उनकी सीट बदल दी गई.

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गाजीपुर: तीन बार के सांसद मनोज सिन्हा और मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल के बीच है मुकाबला

Tue, 04/16/2019 - 02:02

यूपी के गाजीपुर में चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है.बीएसपी ने यूपी की गाजीपुर सीट से बाहुबली अफजाल अंसारी को टिकट दिया है.अफजाल अंसारी और उनके भाई मुख्तार अंसारी का कौम एकता दल नाम की पार्टी थी जिसे उन्होंने बीएसपी में विलय कर दिया.पहले ये विलय समाजवादी पार्टी में होने वाला था लेकिन यादव परिवार की आपसी खटपट के बाद बीएसपी में हो गया.केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा गाजीपुर से सांसद हैं और वो इस बार भी मैदान में हैं.मनोज सिन्हा पीएम मोदी के करीबी हैं और एक वक्त में उनका नाम यूपी के सीएम के तौर पर भी सामने आ रहा था.गाजीपुर में आखिरी चरण में 19 मई को चुनाव है.

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क्या अंग्रेजो की फूट डालो और राज करो नीति के अहम् किरदार थे आंबेडकर?

Mon, 04/15/2019 - 01:43

कल भारत के संविधान निर्माता माने जाने भीमराव आंबेडकर की जयंती थी.उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को एमपी के एक छोटे से गांव में हुआ था.भीमराव आंबेडकर के पिता का नामा रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई था.वो अपने माता पिता की चौदहंवी संतान थे.आंबेडकर का जन्म सामाजिक रूप से छूत मानी जाने वाली महार जाति में हुआ था.ऐसे में बचपन से ही उन्होंने सामाजिक अस्पृश्यता को देखा था.

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ताज के शहर में इस बार कौन पहनेगा लोकसभा का ताज?

Sun, 04/14/2019 - 00:33

दूसरे चरण में यूपी की जिन सीटों पर मतदान होना उनमें ताजनगर आगरा भी एक है.आगरा यूपी की सुरक्षित 17 लोकसभा सीटों में से एक है. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के प्रमुख रामशंकर कठेरिया यहां से सांसद हैं.हालांकि बीजेपी ने उनका ट्रांसफर कर दिया है.उन्हें इटावा लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.आगरा में पार्टी के उम्मीदवार अब यूपी सरकार में मंत्री एसपी बघेल हैं.बघेल पिछली बार फिरोजाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे और यादव परिवार का गढ़ होने के बावजूद अच्छे वोट हासिल किए थे.

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समझते है नगीना सीट का चुनावी समीकरण, 18 अप्रैल को वोट पड़ना है

Sat, 04/13/2019 - 02:39

लोकसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान हो चुका है.अब 18 अप्रैल को दूसरे चरण के लिए मतदान होगा.राजनीतिक पार्टियां दूसरे चरण के मतदान के लिए तैयारियों में जुटी हुई हैं.यूपी में दूसरे चरण में भी आठ सीटों पर मतदान है.ये सीटें नगीना, बुलंदशहर, आगरा और हाथरस,अमरोहा, अलीगढ़, मथुरा और फतेहपुर सीकरी हैं. इनमें से नगीना,बुलंदशहर,आगरा और हाथरस सुरक्षित सीटे हैं.इनमें से नगीना सबसे नई सीट है.ये सीट नए परिसीमन के तहत 2009 में अस्तित्व में आई थी.आज हम आपको इसी नगीना सीट के राजनीतिक समीकरण के बारे में बताएंगे.

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