चाहें रेल दुर्घटना के बाद अपने पद से इस्तीफा देना हो या जय जवान जय किसान का नारा देना, लोगों को अपनी सादगी से अपनी प्रेरणा देने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आज जन्म जयंती है. शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था और 9 जून 1964 को वह भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने।

शास्त्री जी के कार्यकाल में 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ जिसमे पाकिस्तान की करारी हार हुई। लाल बहादुर शास्त्री के बारे में कई किस्से काफी मशहूर है। पाकिस्तान की हार के बाद जब वो ताशकंद वार्ता के लिए जा रहे थे तो एयरपोर्ट पर एक पत्रकार ने उनसे पूछा की सर आपका कद काफी छोटा है और जनरल अयूब का काफी बड़ा तो बात कैसे करेंगे। शास्त्री जी ने तुरंत हाजिर जवाबी का परिचय देते हुए कहा की मैं सिर उठा के बात कराऊंगा और जनरल अयूब सिर झुका के।

1964 में जब उन्होंने प्रधानमंत्री का पद संभाला तो देश अनाज के संकट से जूझ रहा था.अमेरिका ने उन दिनों कुछ शर्तों पर अनाज देने की पेशकश की,लेकिन शास्त्री ने इसे नकार दिया.उन्होंने देश के स्वाभिमान के लिए हर नागरिक से हफ्ते में एक दिन उपवास रखने को कहा.उन्होंने कहा ,"पेट पर रस्सी बांधो, साग-सब्जी ज्यादा खाओ, सप्ताह में एक दिन एक वक्त उपवास करो, देश को अपना मान दो." पीएम की इस अपील को पूरे देश ने माना भी.

इसी तरह पीएम बनने के बाद उनके बच्चों उनसे कार लेने की जिद की तो उन्होंने अपना अकाउंट चेक कराया.उनके खाते में महज 7000 हजार रूपये थे और उन दिनों फिएट कार 12 हजार की आती थी.जब उनके बच्चों को पता चला की उनके पास पैसे नहीं हैं तो उन्होंने अपने पिता को कार लेने से मना कर दिया.

शास्त्री को मरणोपरांत 1966 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया.भारत में बहुत से लोगों का मानना है की ये भारत का दुर्भाग्य है की शास्त्री जी महज दो साल प्रधानमंत्री रह पाए.