अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने भारतीय चंद्र मिशन चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की लैंडिंग वाली जगह की कई फोटो ट्विटर पर साझा की है। नासा के अनुसार चन्द्रमा की सतह से 150 किलोमीटर ऊपर घूम रहे नासा के ऑर्बिटर लूनर रिकॉनिसंस ने काफी हाई रेजॉलूशन कैमरा से ये फोटो ली है।

हालांकि शाम के समय ली गयी तस्वीरों में कम रोशनी की वजह से विक्रम लैंडर को ढूढ़ना संभव नहीं है। पर नासा ने ये साफ़ कर दिया है की संभवता ऐसा मालूम होता है की विक्रम ने चन्द्रमा पर हार्ड लैंडिंग की है और उसी वजह से उससे इसरो का संपर्क टूट गया।

नासा के अनुसार ऑर्बिटर लूनर रिकॉनिसंस दोबारा से लैंडिंग वाली जगह के ऊपर से अक्टूबर में गुजरेगा और हो सकता है रोशनी अच्छी होने पर विक्रम को ढूढ़ने में मदद मिले। इसरो के सॉफ्ट लैंडिंग के मिशन को उस समय झटका लगा था जब उसका विक्रम लैंडर से चन्द्रमा की सतह से कुछ किलोमीटर पहले ही संपर्क टूट गया था।

विक्रम लैंडर मिशन की अवधि 15 दिनों की थी जो की पहले ही गुजर चुकी है। जैसा की नासा ने हार्ड लैंडिंग की बात की है तो उस परिस्तिथि में विक्रम लैंडर का मिलना असंभव ही प्रतीत होता है। हालांकि अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने यह भी कहा है की कम रोशनी की वजह से बड़े इलाके में अँधेरा और परछाई बन रही है, हो सकता है विक्रम लैंडर उन अँधेरे इलाके में हो जिसका पता अक्टूबर में ही लग सकेगा।