प्रधानमंत्री जन धन खातों में कुल जमा जल्द ही 90,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार जा सकती है.माना जा रहा है कि इस बीमा योजना के तहत दुर्घटना बीमा कवर को दोगुना करके 2 लाख रुपये करने के बाद इसका आकर्षण बढ़ा है.

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 से जन धन खातों के जमा में तेजी आई है. इन खातों में 30 जनवरी 2019 तक कुल जमा बढ़कर 89,257.57 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.नए आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 34.14 करोड़ खाते खोले गए हैं. इन खातों में औसत जमा बढ़कर 2,615 रुपये हो गया, जो कि 25 मार्च 2015 को 1,065 रुपये पर था.इन खातों में 53 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं, जिसमें से 59 प्रतिशत खाते रूरल और सब अर्बन क्षेत्र से है.आंकड़ों के मुताबिक, 27.26 करोड़ खाताधारकों को दुर्घटना बीमा कवर के साथ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं.

प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत 28 अगस्त 2014 से हुई थी.पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर जब लाल किले पर पहली बार 15 अगस्त 2014 को तिरंगा फहराया तब उन्होंने इस योजना की शुरुआत का एलान किया था.योजना की सफलता से उत्साहित सरकार ने 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गए नए खातों के लिए दुर्घटना बीमा कवर को एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया था.इसके अलावा सरकार ने ओवरड्राफ्ट की सीमा को भी बढ़ाकर दोगुना करते हुए 5 हजार से 10 हजार कर दिया था.हालांकि नोटबंदी के दौर में जन धन खातों पर सवाल भी उठे थे.ऐसा कहा गया था की काले धन को सफेद करने के लिए इन खातों का इस्तेमाल किया गया.