उन्नाव गैंगरेप पीड़िता, उनके रिश्तेदार और वकील के साथ कल रायबरेली जाते हुए ट्रक के साथ टक्कर के मामलें की जाँच के लिए फोरेंसिक टीम को घटना स्थल पर भेजा गया है।

फॉरेंसिक टीम घटना स्थल पर ये पता लगाने की कोशिश करेगी की क्या जानबूझ कर ट्रक के टक्कर मार कर पीड़िता की जान लेने की कोशिश की गई। हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया ओम प्रकाश सिंह ने कहा की मामला प्रथम दृष्टि में दुर्घटना का मालूम पड़ता है पर घटना की जाँच की हर एंगेल से की जा रही है।

पीड़िता की सुरक्षा के लिए नियुक्त किये गए सुरक्षाकर्मियों का साथ में न होने पर उन्होंने कहा की पीड़िता ने ही खुद ये कहते हुए मना किया था की जब जरूरत होगी तो साथ ले चलेंगे।

हालांकि सुरक्षा कर्मियों का साथ न होना और टक्कर मारने वाले ट्रक के आगे पीछे दोनों की नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें काला कर देना कंही न कंही साजिश की तरफ इशारा करता है। गैंगरेप केस में मुख्य आरोपी बीजेपी नेता और विधायक कुलदीप सिंह सेंगर जेल में बंद है। हालांकि उनकी पहुंच और ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की इतने हाई प्रोफाइल केस में आरोपी होने के बाद भी न तो उन्हें बीजेपी से निकला गया और न ही आज तक विधायक पद से इस्तीफा हुआ है।

अभी कुछ दिन पहले ही बीजेपी के उन्नाव से सांसद साक्षी महाराज जेल में बंद कुलदीप सेंगर से मिलने गए थे और चुनाव ने हुई अपनी जीत में उनके सहयोग के लिए धन्यवाद् दिया था। इससे ये साबित होता है की अगर जेल में बंद सेंगर साक्षी महाराज की चुनाव में मदद कर सकते है तो उनके लिए किसी घटना को अंजाम देना कोई कठिन काम नहीं होगा। घटना की सच्चाई का पता बिना किसी भेदभाव के हुई जाँच से ही पता लग सकता है।

आप को बता दें कल हुए एक सड़क हादसे में उन्नाव गैंगरेप की पीड़िता की चाची और एक अन्य रिश्तेदार की मौत हो गयी थी जबकि पीड़िता और उनके वकील को गंभीर हालत में लखनऊ मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। कार पीड़िता के वकील के द्वारा चलाई जा रही थी। घटना के बाद पीड़िता की माँ और बहिन ने कुलदीप सेंगर पर साजिशन ट्रक से टक्कर कराने का आरोप लगाया है।