लोकसभा में कल तीन तलाक बिल पास कर दिया गया.इससे पहले तीन तलाक पर अध्यादेश लाया गया था जिसे कल बिल के रूप में लोकसभा में पेश किया गया.बिल पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस और एआईएडीएमके सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया.

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बिल को संसद में पेश किया.प्रसाद ने इसे न्याय और मानवीयता से जुड़ा हुआ बताया.उन्होंने कहा की ये जरूरी है की तीन तलाक पर एक आवाज में संसद में बहस हो और धार्मिक विषय न बनाया जाए.

उन्होंने आगे कहा की जब दहेज के विरोध में कानून पास किया जा सकता है तो तीन तलाक के विरोध में कानून क्यों नहीं बनाया जा सकता.बिल पर बहस में कई पार्टी के नेताओं ने अपनी बात रखी.

केंद्रीय मंत्री स्मति ईरानी ने तीन तलाक पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा की सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराए जाने के बाद 400 महिलाओं को तीन तलाक दिया चुका है.स्मृति ने कहा, “400 एक बड़ी संख्या है,अगर एक महिला भी होती तो यहां बैठे हर एक शख्स को इससे व्यथित होना चाहिए था.”
सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास ने कहा की विपक्ष को पीड़ितों से ज्यादा अपराधियों को बचाने की चिंता है

बिल के विरोध में बोलते हुए AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा की ये बिल धार्मिक स्वतंत्रता के विरोध में है.ओवैसी ने कहा की आप समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर कर रहे हैं लेकिन तीन तलाक को अपराध करार दे रहे हैं.

वामपंथी पार्टी सीपीएम के मोहम्मद सलीम ने कहा की सरकार मुस्लिम महिलाओं के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रही है.ससंद में अक्सर सरकार के साथ नजर आने वाली AIADMK ने भी बिल का विरोध किया.पार्टी सांसद अनवर राझा ने कहा की जेंडर जस्टिस के नाम पर मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है.

लोकसभा में कल तीन तलाक बिल पास कर दिया गया.इससे पहले तीन तलाक पर अध्यादेश लाया गया था जिसे कल बिल के रूप में लोकसभा में पेश किया गया.बिल पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस और एआईएडीएमके सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया.