राजनीतिक पार्टियों से लेकर मीडिया तक भले ही आगामी लोकसभा चुनावों में युवा भारत पर बात कर रहे हों लेकिन कर्नाटक बुजर्ग मतदाताओं की संख्या देखकर इनका माथा चकरा सकता है.दरअसल चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक में 90 साल से ज्यादा की उम्र के करीब डेढ़ लाख वोटर हैं.खास बात ये है की इनमें से करीब साढ़े पांच हजार वोटर 100 साल की उम्र से ज्यादा के हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में करीब 1 लाख सैंतालीस हजार वोटर 90 से 99 साल की उम्र के बीच के हैं.बाकी 32 लाख वोटर 70 से 90 साल की उम्र के बीच के हैं.आपको बता दें की कर्नाटक में 5 करोड़ से ज्यादा वोटर हैं.चुनाव आयोग इन बुजुर्ग वोटरों को वोट डालने के लिए बूथ तक लाने के लिए पूरा प्रयास कर रहा है.कर्नाटक के तुमकारू जिले में 100 से ज्यादा उम्र के सबसे ज्यादा 535 वोटर हैं.इसके बाद मैसूर में 530 वोटर हैं.बेलगावी में 470 वोटर हैं जो 100 साल की उम्र से ज्यादा के हैं.मांड्या में 368 मतदाता हैं दो 100 साल से ज्यादा उम्र के हैं वहीं हासन में 285 ऐसे वोटर हैं जो की उम्र के 100वें पड़ाव को पार कर चुके हैं.

कर्नाटक में 18 और 23 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव है.इन बुजुर्ग मतदाताओं में कुछ ऐसे हैं जिन्होंने 1951 में देश हुए पहले चुनाव में भी वोट डाला था.चुनाव आयोग ने इनकी सुविधा के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था की है ताकि इन वोटरों को सुरक्षित बूथ तक लाया जा सके और वापस उनके घर भेजा जा सके.मैसूर के डिप्टी कमिश्नर अभिराम जी शंकर कहते हैं,"चुनाव आयोग ने बुजुर्ग मतदाताओं की सुविधा के लिए व्हील चेयर और ट्रांसपोर्ट की सुविधा के अलावा वालंटियर की व्यवस्था भी की है जो उनकी मदद करेंगे."