बीजेपी लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर चुकी है. बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में 353 सांसद हैं. कल नरेंद्र मोदी को औपचारिक तौर पर एनडीए का नेता चुन लिया गया. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर फिर से एक बार सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. बीजेपी की इस प्रचंड जीत के पीछे कौन कौन से प्रमुख कारण हैं जिनकी वजह से बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की. उन राज्यों में तक में जहां विधानसभाओं में बीजेपी की हालत कमजोर थी वहां भी बीजेपी ने क्लीन स्वीप की हालत कर दी. पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी का प्रदर्शन शानदार रहा. इस प्रदर्शन प्रमुख 3 कारणों के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं-

1. नरेंद्र मोदी में मजबूत नेता की छवि- इस चुनाव में बीजेपी का जो प्रदर्शन रहा वो बताता है कि नरेंद्र मोदी अपने आप में एक मुद्दा बन गए थे. हर सीट पर ऐसा लग रहा था जैसे मोदी खुद चुनाव लड़ रहे हों. चुनाव के दौरान हिंदुस्तान टाइम्स की पॉलिटिकल एडिटर सुवर्णा सिंह ने एक ऐसी ही बातचीत का जिक्र किया. उन्होंने एक ट्वीट में एमपी के एक कांग्रेस उम्मीदवार से बातचीत के बारे में लिखा. उन्होंने लिखा कि इस उम्मीदवार से उन्होंने उसकी चुनाव में हालत के बारे में सवाल पूछा तो जवाब मिला, "बाकी सब तो अच्छा है लेकिन जब आपका मुकाबला नरेंद्र मोदी से हो तो क्या किया जा सकता है." ये वही एमपी था जहां कांग्रेस ने 6 महीने पहले ही चुनाव जीतकर सरकार बनाई थी.

ऐसा ही एक वाकया बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट में दिखा. यूपी के हाथरस में आलू किसानों से बीबीसी हिंदी के संवाददाता ने चुनाव में वोट करने पर सवाल पूछा. उन्होंने जवाब दिया, "चाहे हमारा आलू बिके या न बिके, चाहें हम भूखें मर जाएं लेकिन वोट मोदी को ही देंगे." पूरे चुनाव के दौरान आप मीडिया रिपोर्ट में इस लहर को महसूस कर सकते थे. जनता का सीधा सवाल था नरेंद्र मोदी नहीं तो फिर कौन ? विपक्ष पूरे चुनाव में चेहरे के लिए जूझ रहा था. कभी मायावती तो कभी ममता की पीएम बनने की महत्वकांक्षाए सामने आ रही थीं. राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते स्वाभाविक उम्मीदवार थे ही. इन सबके बीच चेहरे की कमी से जूझते विपक्ष ने नरेंद्र मोदी पर खूब हमले किए और एक तरह से खुद की ही मुश्किलें बढ़ा लीं. चुनाव परिणाम बताते हैं कि चौकीदार चोर है नारे का कोई प्रभाव जनता पर नहीं पड़ा बल्कि इसने नरेंद्र मोदी के समर्थक को और भी कट्टर बना दिया. नरेंद्र मोदी की छवि वो एक बड़ा कारण है जिसकी वजह से बीजेपी इस चुनाव में जीतने में कामयाब रही.

2. बालाकोट एयरस्ट्राइक- नरेंद्र मोदी की मजबूत नेता की छवि यूहीं नहीं बनी. उसमें नोटबंदी और पाकिस्तान पर दो बार हमले करना एक बड़ी वजह है. 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत ने फरवरी में पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की. इस हमले में जैश ए मोहम्मद के आतंकी मारे गए. हमले के बाद भारत पाकिस्तान में युद्ध की नौबत आ गई. इसी तनाव में पाकिस्तान ने भारत के विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ लिया. इसके बाद जल्द ही पाकिस्तान को कमांडर अभिनंदन को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. ये भारत की बड़ी कामयाबी थी. इस पूरे घटनाक्रम ने मोदी लहर को और भी मजबूत किया. दरअसल ये वो वक्त था जब लगभग तय हो गया था कि बीजेपी सत्ता में वापस आने वाली है. शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाता तक इससे प्रभावित दिखे.

3. शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्जवला, किसान निधि योजना, आयुष्मान योजना , बिजली कनेक्शन देने का असर- विपक्ष और तमाम विश्लेषक भले ही ये कहें कि बीजेपी को राष्ट्रवाद के नाम पर जीत मिली पर ये जीत अकेले राष्ट्रवाद की नहीं है. हैडिंग में डाली गई सभी योजनाओं को बीजेपी ने लागू करने की कोशिश की. इनका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिला. यूपीए के आधार का सही लोगों तक योजना को पहुंचाने में एनडीए ने इस्तेमाल किया. जिन लोगों को योजना का लाभ मिला उन्होंने इस वजह से वोट किया और जिन्हें नहीं भी मिला उन्होंने इस उम्मीद में वोट किया कि भविष्य में उन्हें भी लाभ होगा. शौचालय योजना का लाभ उठाने वाले लोगों ने मकान की उम्मीद में वोट किया. चुनाव में वक्त में किसान निधि योजना किसानों की नाराजगी दूर करने में कारगर साबित हुई. इसके तहत 6 हजार रूपये साल में किसानों के अकाउंट में सीधे दिए जाने थे. जमीन पर इन योजनाओं ने बीजेपी के पक्ष में हवा बनाई. विपक्ष रोजगार और 15 लाख के आंकड़ों में उलझा रहा और यहां बीजेपी ने जमीन पर हालात बदल लिए. विपक्ष ने बीजेपी पर दलितों को लेकर खूब निशाना साधा लेकिन यूपी की तस्वीर बताती है कि गैर जाटव दलित और कुछ जाटवों ने भी बीजेपी के लिए वोट किया. दरअसल इनमें तमाम वोटर वो थे जिन्हें केंद्र की किसी न किसी योजना का लाभ मिला था. ये योजनाएं बीजेपी के लिए एक बड़ा सहारा साबित हुईं और शहरी के साथ साथ गरीब वोटरों में भी बीजेपी ने पकड़ बना ली.

ये वो तीन कारण हैं जिन्होंने नरेंद्र मोदी और बीजेपी की सत्ता में वापसी करवा दी. पीएम मोदी की मजबूत छवि को बालाकोट एयरस्ट्राइक ने मजबूत किया और इसके ग्रामीण क्षेत्रों में बीजेपी की योजनाओं की बदौलत लोगों ने जमकर बीजेपी को वोट किया. विपक्ष की हालत देखकर कहीं से भी नहीं लगा कि उसने इनमें से किसी भी हालात को पहचाना पाया था. ऐसे में अगर वाकई कांग्रेस या समूचे विपक्ष में कोई भी सत्ता में आना चाहता है तो उसे कड़ी मेहनत करनी होगी और नरेंद्र मोदी की काट ढूंढनी पड़ेगी.