उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली सुदीक्षा भाटी के सपने भी बुलंद थे। साल 2018 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में 98 प्रतिशत अंको के साथ जिला में टॉपर रही सुदीक्षा का निधन उस समय हो गया जब तो अपने भाई के साथ मामा के घर मोटरसाइकिल से जा रही थी और अचानक सामने चल रही एक बुलेट मोटरसाइकिल के ब्रेक लगाने से सुदीक्षा की मोटरसाइकिल गड्ढे में जा गिरी।

परिवार का आरोप है की बुलेट सवार लड़के सुदीक्षा से छेड़खानी कर रहे थे और उन्होंने जानबूझ कर आगे आ कर ब्रेक लगाया जिससे उनकी मोटरसाइकिल गड्ढे में गिर गयी।

बेहद गरीब परिवार से आने वाली सुदीक्षा मौजूदा समय में अमेरिका के बॉब्सन कॉलेज से स्नातक की छात्रा थी। बॉब्सन कॉलेज अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थानों में गिना जाता है। उनकी पूरी पढ़ाई और रहने का खर्च के लिए पूर्ण स्कॉलरशिप मिली हुई थी। संसथान ने उन्हें पढ़ाई के लिए 3 करोड़ 60 लाख रूपये की स्कॉलरशिप दी हुई थी।

सुदीक्षा कोई साधारण छात्रा नहीं थी। उसके पिता चाय बेचने का ठेला लगाते है। अपने परिवार में उच्च शिक्षा में पहुंचने वाली वो पहली सदस्य थी। बुलंदशहर के जिस गांव से आती थी वंहा से बहुत कम लड़किया ही कॉलेज में पढ़ाई के लिए जा पाती है। १२वीं तक की पढ़ाई उन्होंने ने HCL द्वारा संचालित विद्याज्ञान स्कूल से की थी। विद्याज्ञान आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े मेधावी बच्चो को उच्चस्तरीय शिक्षा बिना किसी फीस के प्रदान करता है।

कोरोना माहमारी की वजह से कॉलेज में पढ़ाई न होने की वजह से वो घर आयी हुई थी और 20 अगस्त को उन्हें वापस अमेरिका जाना था। बुलंदशहर पुलिस ने बयान जारी करके कहा है की "मृतका के भाई ने पहले छेड़छाड़ की बात नहीं बताई थी। उन्होंने पहले सिर्फ ट्रैफिक की वजह से बुलेट सवार ने अचानक ब्रेक लगाने की बात कही थी। हालांकि छेड़छाड़ की शिकायत आने के बाद पुलिस उचित कर्यवाही कर रही है"

कभी अपने स्कूल के दिनों में छेड़छाड़ के खिलाफ अभियान चलाने वाली सुदीक्षा आज खुद उसी का शिकार हो गयी। लचर न्याय व्यवस्था ने एक और सितारे को चमकने से पहले ही निगल लिया।