बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने लॉ कमीशन को पत्र लिखकर देश में एक साथ चुनाव कराने पर विचार करने की मांग की है.शाह ने अपने पत्र में लिखा है पूरे साल होने वाले चुनावों के कारण देश में विकास का काम प्रभावित होता है.बीजेपी के कई नेता और वर्तमान राष्ट्रपति भी पहले ही देश में लागातार चुनावों पर चिंता जता चुके हैं.

शाह ने अपने पत्र में लिखा है कि लगातार अलग अलग राज्यों में चुनाव से राज्य और केंद्र दोनों सरकारों के कामों पर असर पड़ता है.शाह ने लिखा है कि एक साथ चुनावों से चुनावी खर्च में कमी आएगी.शाह ने इसके लिए लोकसभा चुनावों में बढ़ते सरकारी खर्चे का हवाला दिया है.शाह ने आगे इस पत्र में लिखा है कि इस मुद्दे पर बड़े विचार विमर्श की जरुरत है और सभी पार्टियों को इसके लिए साथ आना चाहिए

आपको बता दें कि देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का विचार पहली बार चुनाव आयोग ने 1983 में दिया था.हालांकि इससे पहले देश में 1951-52,1957,1962,1967 में एक साथ चुनाव हुए थे लेकिन बाद में कुछ विधानसभाएं भंग होने के कारण ये क्रम टूट गया.राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अलावा पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी लगातार चुनावों पर चिंता जता चुके हैं.मुखर्जी ने इस बाबत कहा था कि इससे सरकारी विकास के कार्यक्रम प्रभावित होने के साथ लोगों के जीवन पर भी असर पड़ता है.मुखर्जी ने इस मुद्दे पर एक गंभीर बहस की जरूरत बताई थी.