चुनाव आयोग ने रविवार को लोकसभा चुनावों का एलान कर दिया.लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होंगे.पहला चरण का चुनाव 11 अप्रैल को होगा.आखिरी चरण का चुनाव 19 मई को होगा.23 मई को मतगणना होगी और ये तय होगा की देश का भविष्य अगले 5 साल के लिए किस सरकार के हाथ में होगा.चुनाव आयोग के एलान के साथ ही देश में अचार सहिंता भी लागू हो गई है.

सोशल मीडिया भी राजनीति का अहम हिस्सा बन चुका है.ऐसे में इस बार चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया को भी अचार सहिंता के दायरे में लाने का फैसला किया है.मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस फैसले की जानकारी.उन्होंने कहा कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस दौरान किसी भी राजनीतिक पार्टियों के विज्ञापन पोस्ट करने से पहले जानकारी देनी होगी.चुनाव आयोग की अनुमति के बाद ही वे ऐसा कर पाएंगे.

गूगल और फेसबुक को इलेक्शन कमीशन ने ऐसे विज्ञापनदाताओं की पहचान करने के लिए कहा है.ऐसा पहली बार हो रहा है जब सोशल मीडिया भी चुनाव अचार सहिंता के दायरे में होगा.राजनीतिक दलों के लिए बेशक इस फैसले के बाद थोड़ी मुश्किल हो जाएगी.हालांकि सोशल मीडिया पर तमाम फर्जी अकाउंट के जरिए होने वाले राजनीतिक पार्टियों के प्रचार पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि वो अधिकारिक तौर पर पार्टी से जुड़े नहीं होते हैं.

तकनीक के इस युग में चुनाव आयोग ने पारदर्शी चुनाव की प्रक्रिया में इस बार वोटरों को भी तकनीक के जरिए शामिल करने का फैसला किया है.मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार एक एप लॉन्च किया गया है.इसके जरिए चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर वोटर अपने मोबाइल से रिकॉर्ड करके चुनाव आयोग को भेज पाएंगे.