दिल्ली हरियाणा सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन में भाग लेने आये एक ग्रंथी बाबा राम सिंह ने कुंडली बॉर्डर पर धरनास्थल के पीछे खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। ग्रंथी राम सिंह ने आत्महत्या अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मार की। बाबा राम सिंह करनाल के गुरुद्वारा नानकसर में ग्रंथी थे।

गोली की आवाज सुन कर धरना दे रहे किसान मौके पर पहुंचे और बाबा को नजदीकी हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जंहा डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाबा राम सिंह ने अपने नोट में लिखा है की वो सरकार द्वारा किसानों के साथ किये जा रहे दुर्व्यवहार से दुखी है और इस वजह से गोली मार कर आत्महत्या कर रहे है।

बाबा राम सिंह लगातार प्रदर्शन से जुड़े हुए थे। इससे पहले उन्होंने 9 दिसंबर को 5 लाख रूपये दान में दिए थे इसका अलावा सर्दी की वजह से किसानों में कम्बल आदि का वितरण भी कर रहे थे। उनके शिष्यों का कहना है की बाबा राम सिंह ने किसानों के लिए शहादत दी है।

हॉस्पिटल से बाबा राम सिंह के समर्थक उनका शव करनाल लेकर पहुंच गए जंहा पर पुलिस उनके शव का पोस्टमॉर्टम कराने की कोशिश कर रही है। बीते कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों में कई किसानों की मृत्यु की खबर आ रही है। कुंडली बॉर्डर पर ही 3 दिन में 3 किसान मारे गए है। डॉक्टरों ने मृत्यु का कारण सर्दी, हार्ट अटैक और हाइपर टेंशन को बताया है।

प्रदर्शन कर रहे किसानों में शारीरिक दूरी या मास्क जैसे किसी भी तरह का कोई बचाव करते नहीं देखा गया है जिससे एक आशंका यह भी है की कई किसान कोरोना से पीड़ित हो चुके होंगे और उम्रदराज़ किसानों की कोरोना से मृत्यु भी हो रही हो।