आज के भागदौड़ भरे तेज समय में किसी भी शहर में ब्लड बैंक की क्या उपयोगिता हैं हम सभी इसे अच्छी तरह से जानते हैं। कई बार ब्लड बैंक होने पर जिस ब्लड ग्रुप का रक्त चाहिए होता हैं वो उपलब्ध न होने पर जान जाने की नौबत आ जाती हैं। इसीलिए बहुत से सरकारी और गैर सरकारी संस्थान रक्तदान के लिए प्रेरित करते रहते हैं।

पर आज जब देश को इकनोमिक सुपर पावर बनाने की बातें हो रही हैं और देश अंतरिक्ष में चन्द्रमा पर पहुंच रहा हैं ऐसे समय में भी बहुत से जिलों में आज भी किसी तरह की कोई ब्लड बैंक नहीं हैं।

खासतौर से देश के पूर्वोत्तर के राज्यों का इस मामलें में काफी बुरा हाल है। स्वस्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इससे सम्बंधित आंकड़े हाल ही में जारी किये है।

इन आंकड़ों के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के कुल 24 जिलों में से 14 जिले ऐसे है जंहा कोई भी ब्लड बैंक नहीं है। मणिपुर के 16 जिलों में से 12 और नागालैंड के 12 जिलों में से 9 जिले इस तरह की सुविधा से वंचित है।

मेघालय के 11 जिलों में से 5 और सिक्किम के 4 जिलों में से 2 . मध्य प्रदेश और गुजरात के 2 जबकि बिहार और जम्मू कश्मीर के 5 जिले इस तरह की सुविधा नहीं रखते।

इस तरह से देश के कुल 723 जिलों में से 76 जिले ऐसे है जंहा आज़ादी के इतने सालों के बाद भी ब्लड बैंक की सुविधा नहीं पहुंची है।

याद रहे दिए गए आंकड़े जिला स्तर के है जबकि एक जिले में कई तहसील और ब्लॉक होते है, ऐसे में लाखों की आबादी वाले जिलों में एक ब्लड बैंक किस तरह से लोगों की मदद कर पाती होगी इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते है।