भारत में पुरुषों में पॉर्न देखने के चलन के चलते रेप के मामलों में इजाफा हो रहा है.ब्रिटिश अखबार द इंडिपिंडेट से बातचीत में भारत में महिला अधिकारों के लिए संस्था चलाने वाली महिला डॉक्टर रूक्मणी राव ने ये दावा किया है.हालांकि रूक्मिणी ने रेप के आरोपियों के लिए फांसी की सजा का विरोध भी किया है.राव के मुताबिक भारत में इससे न केवल रेप बल्कि मैरिटल रेप में भी इजाफा हुआ है.

खास बात ये है की भारत में लड़कियों और महिलाओं को अभी सहमति के बारे में ज्ञान नहीं है.राव का कहना है की उनके पास शिकायत लेकर आने वाली 10 में 9 महिलाओं के पति पॉर्न देखने की समस्या से ग्रस्त हैं.ऐसे लोग न केवल पॉर्न देखते हैं बल्कि असल जिंदगी में भी वैसा ही करने का प्रयास करते हैं.भारत में युवा वर्ग में पॉर्न देखने वालों की संख्या में खासा इजाफा हो रहा है और गैरकानूनी होने के बावजूद लोग इसे देख पा रहे है.भारत में धीमी न्याय प्रक्रिया भी रेप के लिए जिम्मेदार है.अधिकांश माता पिता इसी वजह से पुलिस में केस भी दर्ज नहीं कराते हैं क्योंकि कानूनी प्रक्रिया बेहद लंबी होती है.राव का कहना है की इस प्रक्रिया को तेज करना चाहिए क्योंकि रेप के आरोपियों को आज भी सजा बेहद कम मिलती है.

आपको बता दें की 2017 के आंकड़ों को मुताबिक भारत पॉर्न देखने वाले देशों की सूची में अमेरिका और ब्रिटेन के बाद तीसरे स्थान पर है.2013 में रेप के खिलाफ कड़े कानून होने के बावजूद रेप के मामलों में इजाफा हुआ है.राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक 2016 में 2015 के मुकाबले नाबालिगों से रेप के 82 फीसदी मामले ज्यादा सामने आए हैं.डाटा के मुताबिक भारत में हर 6 घंटे में एक महिला का रेप होता है और रेप का आरोपी 95 फीसदी मामलों में परिवार,दोस्त या पड़ोसी होता है.रेप के मामले भारत में पुलिस के पास भी नहीं पहुंच पाते और 95 फीसदी मामले बगैर दर्ज किए ही रह जाते हैं.

भारत में इन दिनों रेप के वीडियो वायरल होने का चलन भी बढ़ा हुआ है.इस तरीके के वीडियो वायरल होने से भी यौन हिंसा में इजाफा हो रहा है.2012 में देश की राजधानी दिल्ली में निर्भया गैंगरेप का मामला सामने आया था.इस कांड के बाद दिल्ली को रेप कैपिटल के तौर पर भी पहचाना जाने लगा था.इस कांड के 6 आरोपियों ने भी पॉर्न देखने के बाद भी इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था.