देश के कई कथित लिबरल पत्रकारों से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तक के अंदर का न्यूटन बीते 2-3 दिन में जाग गया.सारे ट्वीटर से लेकर पब्लिक तक के बीच में जाकर अपना ज्ञान बांचने लगे और बताने लगे की विज्ञान में वो उतने ही एक्सपर्ट हैं जितना लोगों के खून में हिंदू-मुस्लिम पता करने में.दरअसल पीएम मोदी ने अपने एक भाषण में नाले से निकलने वाली गैस से चाय बनाने वाले एक आदमी का जिक्र किया था.बस इन मौसमी वैज्ञानिकों को अपना ज्ञान दिखाने का मौका मिल गया.मोदी के बयान को कई किसी ने राहुल गांधी के उनके संसद में गले लगने का असर बता दिया तो किसी ने कहा कि पता नहीं पश्चिम के वैज्ञानिक ये अविष्कार कर पाए हैं की नहीं.दरअसल ये हर बात में पश्चिम पश्चिम करने वाले लोग शायद अपने बच्चे पैदा होते वक्त भी पश्चिम के बच्चों से ही तुलना कर बैठते हों.

अब असली दुनिया से दूर ट्वीटर-फेसबुक पर बक बक करने वाले लोग जो हमेशा बिजली वाली सुविधाओं में रहने के आदी हों भला वो क्या जानेंगे की हिंदुस्तान में जब आदमी को कुछ नहीं मिलता तब वो जुगाड़ करता है.गाय-भैंस के नाम पर राजनीति के लंबे चौड़े लेक्चर देने वाले ये आंइंस्टीन नहीं जानते होंगे की उनके गोबर को टॉर्च और रेडियो के बेकार हो चुके मोटे वाले एवारेडी सेल से जोड़ने पर बिजली पैदा होती है जिससे आज भी लोग अपने घरों का अंधेरा दूर करते हैं.

थॉमस अल्वा एडीसन की इन मानस संतानों को जैसे मोदी से लेकर सारे संघियों तक को मूर्ख बताने का एक लाजवाब मौका हाथ लग गया.लेकिन एडीसन की इन मानस संतानों को नहीं पता था कि मोदी ने जिस अविष्कार की बात की है उसे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कई नालों पर लगाया जाने वाला है जिसकी वजह से बड़ी मात्रा में मेथेन गैस से ऊर्जा पैदा की जाएगी.दऱअसल न्यूज चैनल आज तक ने उस आदमी को ढूंढ निकाला जिसका जिक्र पीएम मोदी ने किया था.60 वर्षीय श्याम राव शिर्के ने तीन कंटेनरों में एक वॉल्व के जरिए एक उपकरण बनाया.इस उपकरण से नाले से निकलने वाली गैस से एक घर में 3-4 महीने तक 12 से ज्यादा लोगों का खाना-नाश्ता सब कुछ बनता रहा.

11 वीं पास श्याम राव ने अपने उपकरण को पेटेंट कराने का भी प्रयास किया.आज तक के अनुसार वो खुश हैं कि पीएम उनके इस अविष्कार के बारे में जानते हैं.सोचने वाली बात है कि जिस देश में एक 11वीं पास नई रचनाएं कर रहा है उस देश में जिन्हें बुद्धिजीवी कहा जाता उन कथित पढ़े लिखे कुपढ़ो ने पीएम को नीचा दिखाने के लिए जरा सा भी वक्त नहीं लिया.और पीएम को नीचा दिखाना ही था तो बेशक दिखाते लेकिन अब जब एक आदमी सामने आया है तो कम से कम उसकी तारीफ में ही 4 शब्द इन कलियुगी जेम्स वाटों को कम से कम बोल देना चाहिए...