हाल के दिनों में भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस धनन्जय वाई. चन्द्रचूड़ की पीठ ने गाइडलाइन्स जारी करते हुए कहा की संसद को इसके खिलाफ कानून बनाना चाहिए। भारत एक लोकतान्त्रिक देश है यंहा भीड़तंत्र बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने कहा की शांति और कानून बनाये रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
इस तरह से लोग कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। हिंसा की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है।

विगत कुछ महीनो में भीड़ द्वारा हमला करके लोगो को मार दिए जाने की घटनाओं में काफी तेजी आयी है। ज़्यदातर मामले में भीड़ बच्चा चुराने के शक में लोगो की हत्या कर दे रही है।

अभी कुछ महीने पहले गोवा से असम गए दो युवको को भीड़ ने बच्चा चोर समझ के पीट पीट के मार दिया था। वंही कर्नाटक में गूगल के इंजीनियर को भीड़ ने पीट कर उस समय मार दिया था जब वो कुछ बच्चो को विदेश से लायी हुई चॉकलेट देने की कोशिश कर रहा था।