तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन की चल रही जांच में एक अहम मोड़ आ गया है.दरअसल अपने अंतिम दिनों में जब जयललिता अपोलो अस्पताल में भर्ती थी उन दिनों की कोई भी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है.अपोलो अस्पताल ने ये जानकारी केस की जांच कर रहे अरुमुघस्वामी कमीशन को दी है.आयोग ने कुछ दिन पहले ये जानकारी अस्पताल से मांगी थी.

अपोलो अस्पताल की जानकारी में बताया गया है की जयललिता की मौत के बाद से सीसीटीवी फुटेज 30 बार बदल चुकी है.11 सितंबर को दी गई जानकारी में अपोलो अस्पताल ने बताया की नई फुटेज तभी रिकॉर्ड होती हैं जब पुरानी डिलीट की जाती हैं.आपको बता दें की जयललिता 22 सितंबर 2016 से 5 दिसंबर 2016 तक अपोलो अस्पताल में रही थीं.

अपोलो अस्पताल ने हालांकि अपने ही कार्यकारी निदेशक की बात को टालने की कोशिश की. दरअसल अपोलो के कार्यकारी निदेशक प्रथाप सी रेड्डी ने हाल ही में बयान दिया था की सीसीटीवी कैमरे इस दौरान बिल्कुल बंद थे.

दरअसल तमिलनाडु की पूर्व सीएम की मौत पर बहुत से लोगों ने शक जताया था.मौजूदा डिप्टी सीएम ओ पन्नीरसेल्वम भी उनमें से एक थे.के पलानीस्वामी और पनीरसेल्वम की सरकार बनने के बाद एक आयोग गठित किया गया था जिसे जयललिता की मौत की जांच का जिम्मा सौंपा गया था.जयललिता की मौत 5 दिसंबर 2016 को हुई थी.