केरल में खतरनाक निपा वायरस के फैलने और उससे 10 से अधिक लोगो के मारे जाने और 12 लोगो के पीड़ित होने की खबर आयी है। बेहद खतरनाक माने जाने वाले निपा वायरस से संक्रमित होने से बचाव के लिए अभी तक कोई भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

पहली बार इस वायरस के बारे में पता मलेशिया, सिंगापुर में लगा था जब सूअर पालन करने वाले करीब 300 किसान इससे संक्रमित हुए और उनमे से 100 की मौत हो गयी थी।

उसके बाद बांग्लादेश में भी इस वायरस से काफी तबाही हुई थी। भारत में समय समय पर इस वायरस के कई मामले सामने आते रहे है।

कैसे फैलता है निपा वायरस
मानव में निपा वायरस का संक्रमण कई तरीके से हो सकता है। संक्रमित सूअर, चमगादड़ या संक्रमित इंसान के सम्पर्क के आना इनमे से मुख्य है। ज़्यदातर मामलो में ये वायरस संक्रमित चमगादड़ से सूअर में और सूअर से मनुष्य में पहुँचता है।

ये वायरस मुख्यता पेड़ पर रहने वाले चमगादड़ से फैलता है तो कई मामलो में संक्रमित चमगादड़ के खजूर के फलो पर मल त्याग करने और उस संक्रमित खजूर का सेवन करने से भी ये वायरस मनुष्यो में पहुंच जाता है।

कैसे करे निपा वायरस से बचाव

संक्रमित सूअर और चमगादड़ से बचाव करे।

जंहा तक हो सके खजूर या खजूर से बने पदार्थो के सेवन से बचे।

संक्रमित इंसान को हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में रखे और दूसरे अन्य मरीजों से दूर रखे।