सरकार ने आज को देश की नई एजुकेशन पॉलिसी को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नाम को भी बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है। इसरो के पूर्व प्रमुख के कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाले पैनल ने कुछ समय पहले ही नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट सरकार को सौंप दिया था।

नई शिक्षा नीति के अंतर्गत अब सरकार भारतीय शिक्षा के पूरे ढांचे को ही बदलने पर ध्यान देना चाहती है, ताकि ऐसा सिस्टम विकसित किया जा सके, जो 21वीं सदी के लक्ष्य के हिसाब से हो और भारत की परंपराओं से भी जुड़ा रहे। नईशिक्षा नीति में सरकार ने छात्रों के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके लिए 3 से 18 साल के छात्रों के लिए 5+3+3+4 का डिजाइन तय किया गया है। इसके अन्तर्गत छात्रों की शुरुआती स्टेज की पढ़ाई के लिए 5 साल का प्रोग्राम तय किया गया है। इनमें 3 साल प्री-प्राइमरी और क्लास-1 और 2 को जोड़ा गया है। इसके बाद क्लास-3, 4 और 5 को अगले स्टेज में रखा गया है। क्लास-6, 7, 8 को तीन साल के प्रोग्राम में बांटा गया है। आखिर क्लास-9, 10, 11, 12 को हाई स्टेज में रखा गया है। अब सिर्फ 12वीं में बोर्ड का एग्जाम देना होगा। पहले 10वीं बोर्ड का भी एग्जाम अनिवार्य होता था, अब नहीं होगा।

छात्रों को आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज, साइंस, स्पोर्ट्स और वोकेशनल सब्जेक्ट में ज्यादा छूट और कई सब्जेक्ट्स के विकल्प देने का भी प्रावधान किया गया है। ताकि छात्र अपनी पसंद के विषय पर ज्यादा ध्यान दे सकें। इसके अलावा चूंकि स्टूडेंट्स 2 से 8 साल की उम्र में जल्दी भाषाएं सीख जाते हैं। इसलिए उन्हें शुरुआत से ही स्थानीय भाषा के साथ तीन अलग-अलग भाषाओं में शिक्षा देने का प्रावधान रखा गया है। गौरतलब है कि तीन भाषाओं का फॉर्मेट 1968 से ही शिक्षा नीति में शामिल है।

नई शिक्षा नीति के तहत दुनियाभर की बड़ी यूनिवर्सिटी देश में अपना कैंपस बना सकेंगी। नई शिक्षा नीति के तहत एमफिल कोर्सेज को खत्म किया जा रहा है लीगल और मेडिकल कॉलेजों को छोड़कर सभी उच्च शिक्षण संस्थानों का संचालन सिंगल रेग्युलेटर के जरिए होगा।यूनिवर्सिटीज और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एन्ट्रेंस एग्जाम होंगे।

मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है. आज की व्यवस्था में अगर चार साल इंजीनियरंग पढ़ने या 6 सेमेस्टर पढ़ने के बाद किसी कारणवश आगे नहीं पढ़ पाते हैं तो कोई उपाय नहीं होता, लेकिन मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम में 1 साल के बाद सर्टिफिकेट, 2 साल के बाद डिप्लोमा और 3-4 साल के बाद डिग्री मिल जाएगी। स्टूडेंट्स के हित में यह एक बड़ा फैसला है।

फिजिक्स के साथ फैशन डिजाइनिंग, केमिस्ट्री के साथ पढ़ सकेंगे म्यूजिक,सरकार ने बताया कि मौजूदा शिक्षा नीति के अंतर्गत फिजिक्स ऑनर्स के साथ केमिस्ट्री, मैथ्स लिया जा सकता है। इसके साथ फैशन डिजाइनिंग नहीं ली जा सकती थी।लेकिन नई नीति में मेजर और माइनर की व्यवस्था होगी।जो मेजर प्रोग्राम हैं उसके अलावा माइनर प्रोग्राम भी लिए जा सकते हैं। इसके दो फायदे होंगे।

आर्थिक या अन्य कारण से जो लोग ड्रॉप आउट हो जाते हैं वो वापस सिस्टम में आ सकते हैं।इसके अलावा जो अलग-अलग विषयों में रूचि रखते हैं, जैसे जो म्यूजिक में रूचि रखते हैं, लेकिन उसके लिए कोई व्यवस्था नहीं रहती है. नई शिक्षा नीति में मेजर और माइनर के माध्यम से ये व्यवस्था रहेगी।

(लेख उपेंद्र अनमोल के द्वारा फेसबुक वाल पर शेयर किया गया है)