हाल ही में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि आगरा में बनने वाले मुगल म्यूजियम का नाम अब छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखा जाएगा. योगी सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता ने बयान देते हुए कहा, "मुगल हमारे हीरों कैसे हो सकते हैं? प्रवक्ता ने बयान देते हुए कहा कि शिवाजी के नाम पर रखने से राष्ट्रवाद की भावना बढ़ेगी. इसी बीच इंडियन एक्सप्रेस ने एक लेख निकाला है जिसके मुताबिक देश भर में कुल 704 जगहों के नाम मुगल शासकों के नाम पर हैं.

भारत में मुगलों ने लंबे समय तक शासन किया. मुगलों का शासन 1526 से 1857 तक रहा. बाबर ने इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की स्थापना की थी. लगभग 300 साल के लंबे मुगल साम्राज्य का सबसे मजबूत समय अकबर (1556) के शासन संभालने के बाद से माना जाता है जो औरंगजेब की मृत्यु(1707) तक चला. बहादुर शाह जफर आखिरी मुगल सम्राट थे, जिन्हें अंग्रेजों ने कैद करके रंगून भेज दिया था, जहां उनकी मौत हो गई थी. बेशक मुगल शासन 1857 में खत्म हो गया लेकिन अपने पीछे ये तमाम निशानियां छोड़ गया. मुगल स्थापत्य कला से लेकर शहरों के नाम तक इसकी गवाही देते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, भारत में शहरों, कस्बों और गांवों के सबसे ज्यादा नाम अकबर के नाम पर हैं. अकबर को इतिहास में धर्मनिरपेक्ष शासक के तौर पर जाना जाता है. अकबर के नाम पर 251 गांवों और शहरों के नाम हैं. इसके बाद क्रूर शासक के तौर पर पहचाने जाने वाले औरंगजेब के नाम पर 177 गांवों और शहरों के नाम हैं. मुगल बादशाह जहांगीर के नाम पर 141, शाहजहां के नाम पर 63, बाबर के नाम पर 61, जबकि हूमांयू के नाम पर 11 गांवों और कस्बों के नाम हैं.

वैसे तो दिल्ली में कई उन जगहों के नाम बदले गए जो मुगलों के नाम पर थे, लेकिन यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस मामले में बड़ी तेजी दिखाई है. इलाहाबाद जैसे बड़े शहर का नाम प्रयागराज किया गया. फ़ैजाबाद का नाम अयोध्या किया गया और मुगलसराय स्टेशन का नाम दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन किया गया. दरअसल यूपी में ही मुगलों के नाम पर सबसे ज़्यादा जगहों के नाम हैं. दरअसल मुगल शासकों की सत्ता का केंद्र उत्तर और मध्य भारत ही रहा. ऐसे में इसी हिस्से में मुगल शासकों के नाम पर शहरों और गांवों के नाम ज़्यादा हैं. यूपी में सबसे ज्यादा 396 जगहों के नाम मुगलों के नाम पर हैं. इसके बाद बिहार (97), महाराष्ट्र (50) और हरियाणा (39) का नंबर आता है.