कांग्रेस के नेता और देश के वित्त और गृह मंत्री रहे पी चिदंबरम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। कल रात नाटकीय तरीके से अपने घर से लापता हो जाने वाले चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने फौरी राहत देने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी तरह का आदेश पारित करने से इंकार करते हुए मामले की फाइल को मुख्य न्यायधीश को भेजने को कहा है। उससे पहले आपको पूरा मामला संछिप्त में बताये देते है।

305 करोड़ के आईएनएस घोटाला मामले में पी चिदंबरम की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए हाईकोर्ट ने जो कहा उसके मायने समझिये।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि , 'तथ्य इस तरफ इशारा करते हैं कि इस मामले में चिदंबरम ही किंगपिन हैं। मतलब पूर्व वित्त मंत्री इस मामले में मुख्य साज़िशकर्ता थे।

हाई कोर्ट ने बेहद सख़्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का एक क्लासिक उदाहरण है। ऐसे केस में यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो इससे समाज में बेहद खराब संदेश जाएगा।

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्ट्या यह लगता है कि इस मामले में एक प्रभावी जांच के लिए चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करना बेहद जरूरी है।

चिदंबरम पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप को समझिये-

मनमोहन सिंह सरकार के पहले कार्यकाल के समय बतौर वित्त मंत्री चिदंबरम ने एफआईपीबी ने दो उपक्रमों को मंजूरी दी थी। INX मीडिया मामले में सीबीआई ने 15 मई 2017 को FIR दर्ज की थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए मीडिया समूह को दी गई फॉरेन इंवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) मंजूरी में अनियमितताएं हुईं। इसके बाद ईडी ने पिछले साल इस संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

मनी लॉन्ड्रिंग को समझिये-

अवैध तरीके से कमाए गए काले धन को वैध तरीके से कमाए गए धन के रूप में दिखाने को मनी लॉन्ड्रिंग कहते हैं। मनी लॉन्ड्रिंग में अवैध माध्यम से कमाया गया काला धन सफ़ेद होकर अपने असली मालिक के पास वैध मुद्रा के रूप में लौट आता है।
दरअसल मनी लॉन्ड्रिंग अवैध रूप से हासिल त धनराशि को छुपाने का एक तरीका है। इसके माध्यम से धन ऐसे कामों या निवेश में लगाया जाता है कि जाँच करने वाली एजेंसियां भी धन के मुख्य सोर्स का पता नही लगा पातीं हैं। जो व्यक्ति धन की हेरा फेरी करता है उसको लाउन्डर कहा जाता है।

(इस आर्टिकल का मुख्य भाग मनोज मलयानिल की फेसबुक वॉल से लिया गया है बाकी तथ्य हमारी टीम द्वारा अपडेट किये गए है।)