नरेंद्र मोदी सरकार पर भले ही ये आरोप लगते हों कि उनकी सरकार आने के बाद से दलितों पर अत्याचार में वृद्धि हुई है लेकिन दलितों का एक संगठन बिल्कुल भी इस बात से सहमत नहीं है. बल्कि इस संगठन का मानना है कि मोदी सरकार यूपीए सरकार की अपेक्षा बेहतर काम कर रही है.दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंड्रस्ट्री के अध्यक्ष ने ये दावा किया है.
संगठन प्रमुख मिलिंद कांबले के अनुसार,"प्रधानमंत्री मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक दलितों के विकास का सबसे ज्यादा काम हुआ है.दलितों के लिए योजनाएं बनाने से लेकर उन्हें लागू करने तक में मोदी सरकार पिछली मनमोहन सरकार की अपेक्षा बेहतर साबित हुई है.कांबले ने मुद्रा योजना की प्रशंसा करते हुए कहा,"मुद्रा योजना वित्तीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण और सफल योजना है. इससे करीब 2.75 करोड़ SC/ST वर्ग के युवाओं को लाभ हुआ है."

एक सवाल का जवाब देते हुए कांबले ने कहा,"लगभग दलित समुदाय से लगभग 19 करोड़ युवा पढ़े लिखे हैं.कोई भी सरकार सभी को नौकरी नहीं दे सकती.DCCI इन युवाओं को व्यापार की दिशा में लाने पर विचार कर रही है.लाखों दलित युवाओं का आकर्षण व्यापार की तरफ हुआ भी है.दलितों के साथ भेदभाव पर बात करते हुए कांबले ने कहा कि जब समाज का बुद्धिजीवी वर्ग आगे आएगा तभी इस समस्या का समाधान संभव है.

एक दलित संगठन के इस तरह के बयान के बाद निश्चित तौर पर दलितों के मुद्दे पर घिरी रहने वाली मोदी सरकार को एक सहारा मिलेगा जिसे संभवता वो अपने पक्ष में भुनाने का प्रयास करेगी.