जम्मू- कश्मीर में हलचल लगातार तेज है. सेना वहां बढ़ाई जा चुकी है. हॉस्टल, कॉलेज खाली करवाए जा चुके हैं. अमरनाथ यात्रा भी बीच में ही रद्द कर दी गई है. इसी बीच बॉर्डर पर पाकिस्तानी बैट टीम के सैनिक मारे गए हैं. घाटी में भी कई आतंवादी मारे गए हैं. इन सबके बीच चर्चा है कि जम्मू कश्मीर में कुछ बड़ा होने वाला है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी जल्द ही जम्मू कश्मीर का दौरा करने वाले हैं.

इस बीच जम्मू कश्मीर को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. इन चर्चाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं है और न ही सूत्रों तक के आधार पर खबरें आ रही हैं. इसलिए ऐसी सभी बातें फिलहाल अफवाहें ही समझी जा रही हैं. हम आपको बताने जा रहे हैं कि जम्मू कश्मीर के बारे में कौन कौन सी चर्चाएं चल रही हैं और वो क्यों इतनी तेजी से फैली हुई हैं.

1. जम्मू कश्मीर से 35A हटाने की तैयारी- जम्मू कश्मीर को संविधान के अनुच्छेद 35A के तहत कुछ विशेषाधिकार मिले हैं. जैसे बाहरी राज्य के लोग यहां जमीन नहीं खरीद सकते. जम्मू कश्मीर की लड़की अगर बाहरी राज्य के लड़के से शादी करती है तो वो जम्मू-कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकती. राज्य का अपना अलग झंडा है. चुनाव भी यहां हर भारतीय राज्य से अलग 6 साल में होते हैं. बीजेपी के एजेंडे में शुरूआत से ही इसे हटाना शामिल रहा है. जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपनी जान भी इसीलिए दी थी. तमाम कश्मीरी पंडितों को जम्मू कश्मीर से मार के निकाला गया और फिर वो दोबारा कश्मीर घाटी में बस नहीं सके. इस बार बीजेपी की सरकार प्रचंड बहुमत से आई है. जनता को उम्मीद है कि अब अनुच्छेद 35A पर कुछ कार्रवाई होगी. अब जब जम्मू कश्मीर में सैनिक हलचलें तेज हैं तो इस बात की चर्चाएं हैं कि अनुच्छेद 35A हटाया जाने वाला है और उससे होने वाले विरोध की तैयारी के लिए सेना भेजी जा रही है. फिलहाल इस मुद्दे पर कोई भी सरकारी पुष्टिकरण नहीं आया है. महज जनता के बीच बातें चल रही हैं. वैसे अनुच्छेद 35A हटाने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत होगी. इसके लिए सरकार को संसद में परीक्षा पास करनी होगी. फिलहाल संसद सत्र खत्म होने वाला है और इतने बड़े प्रस्ताव की तैयारी अभी तुरंत के हिसाब से सरकार करती नहीं दिखती.

कुछ लोगों की इस मुद्दे पर एक और राय है. सुप्रीम कोर्ट में इसी महीने 35A पर सुनवाई है. 35A को लागू करने का एलान राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने जवाहर लाल नेहरू सरकार की सलाह पर किया था. सरकार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपने पक्ष में कह सकती है कि राष्ट्रपति को 35A लागू करने का अधिकार नहीं है. अगर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की बात मान ली तो अनुच्छेद 35A खत्म हो जाएगा. ऐसे में भी विरोध झेलने की तैयारी सरकार को करनी होगी. जम्मू कश्मीर में तेज सैनिक हलचल को इससे जोड़कर भी देख सकते हैं लेकिन आखिर सरकार क्या करना चाहती है ये तो उसके कदम उठाने के बाद ही साफ होगा.

2. राज्य के बंटवारे की तैयारी- 35A खत्म करने की आशंका के बाद जिस बात की आशंका लोग सबसे ज्य़ादा जता रहे हैं वो यही है. लोगों का मानना है कि सरकार जम्मू कश्मीर के बंटवारे का फैसला ले सकती है. ये आशंका जताई जा रही है कि सरकार जम्मू को अलग राज्य बना देगी जबकि कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया जाएगा. इस हिसाब से भी 35A खत्म हो जाएगा और कश्मीर घाटी पर हमेशा केंद्र सरकार का नियंत्रण होगा.

3. जम्मू कश्मीर में बड़े आतंकी हमले की आशंका- चर्चाएं इस बात की भी हैं कि जम्मू कश्मीर में बड़ी आतंकी घटना हो सकती है. जिस तरह से पाक की बैट टीम के जवानों ने भारत ने भारत में घुसने की कोशिश की और मार गिराए गए, उससे भी आशंकाओं को बल मिलता है. हालांकि जम्मू कश्मीर में इसके लिए पर्याप्त सेना पहले से ही थी ऐसे में ये दावा लोगों को ज्यादा पच नहीं रहा है.

4. जम्मू कश्मीर में चुनाव की तैयारी- जम्मू कश्मीर में विधानसभा भंग हो चुकी है. वहां अभी राज्यपाल शासन है. वहां चुनाव कराने की मांग विपक्षी दल करते रहे हैं. ऐसे में ये दावे भी किए जा रहे हैं कि सरकार वहां चुनाव की तैयारी में है और चुनाव के बीच किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए इतनी बड़ी संख्या में जवान जम्मू कश्मीर भेजे गए हैं.