महाराष्ट्र के भिवंडी जिले के खरडी इलाके में पिछले 6 दिनों से गायब चल रहे 3 युवकों के शव पुलिस को एक पेड़ से लटकते हुए मिले है। घटना स्थल के हालात को देखते हुए पुलिस ने आधिकारिक बयान में कहा है की मामला आत्महत्या और तंत्रमंत्र से जुड़ा हुआ लग रहा है। तीनों युवकों की लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही पुलिस आगे की कार्रवाही करेगी। पुलिस के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है की तीनों युवकों ने या तो मोक्ष प्राप्ति के लिए या धन वर्षा के लिए तंत्र मंत्र के बाद आत्महत्या कर ली।

मरने वाले युवकों में से एक युवक पिछले 6 साल से बाबागिरी और तंत्र मंत्र आदि में शामिल था। पुलिस के अनुसार जिस पेड़ से तीनों की लाशें लटकती हुई पायी गयी उसमे एक चौथा फन्दा भी लगा हुआ था जो की गुलाबी रंग की साड़ी से बनाया गया था। नितिन भेरे( ३० साल ) गांव शाहपुर, महेंद्र दुभेले (30), और मुकेश गायघाट (२२) चंदा गांव के रहने वाले थे और बीते 14 नवंबर को अपने अपने घर से लापता थे।

घर वालों ने काफी तलाश करने के बाद 17 नवंबर को खरडी पुलिस थाने और शाहपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 6 दिनों की गुमशुदगी की बाद चंदा गांव के रुपेश सपले ने पेड़ से लटकती हुई तीन लाश उस समय देखी जब वह जंगल में अपने जानवर चराने गए हुए थे। रुपेश ने तुरंत ही पुलिस को सूचित किया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने लाशों को नीचे उतारा और शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

मृतक महेंद्र दुभले और मुकेश गायघाट मामा-भांजे थे। नितिन भी उनका रिश्तेदार था और पिछले 6 साल से बाबागिरी कर रहा था। उसने गांव में अपने घर में ही एक मंदिर भी बनवाया था। उसके घर से पुलिस को तंत्र मंत्र की तमाम किताबे और सामग्री भी बरामद हुई है। गांव में मंदिर के बाहर उसे काफी लोग सुनने आते थे। महेंद्र और मुकेश भी रोजाना उससे मिलने जाते थे और घंटो तीनों एक साथ समय बिताते थे।

लक्ष्मी पूजा के दिन नितिन अपनी पत्नी माया को ये कह कर निकला था की कुछ देर में वापस आता है और उसके बाद वापस नहीं आया। साथ ही महेंद्र और मुकेश भी लापता हो गए। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिए है और पूछताछ कर रही है। पुलिस के मानना है की हिरासत में लिए गए व्यक्ति के लिए ही चौथा फन्दा बनाया गया था।